तमिलनाडु में सरकारी बसों की हड़ताल, जनजीवन ठप

तमिलनाडु में अधिक वेतन की मांग को लेकर शुरू हुई परिवहन कर्मचारी संघों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण सोमवार को राज्य में जनजीवन ठप हो गया और हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवहन निगम कर्मचारी संघों ने महंगाई के कारण वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर रविवार मध्य रात्रि से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।

बस डिपो पर बेहद कम कर्मचारी ही काम पर पहुंचे, जिसके कारण लंबी दूरी की अंतर-राजकीय सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हुईं।

उन छात्रों को भी सोमवार को परेशानी का सामना करना पड़ा, जिन्हें सुबह 10 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचना था। उन्होंने संघ के नेताओं से बसें चलने देने की अपील की, ताकि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच पाएं।

सरकार से चार चरणों में हुई बातचीत का कोई हल न निकलने पर परिवहन कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।

हड़ताल के कारण जहां सरकारी बसें सड़कों से नदारद रहीं, वहीं निजी बस संचालकों ने हड़ताल का लाभ उठाते हुए ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले।

परिवहन मंत्री एम.आर. विजयभास्कर ने कहा कि अधिक दाम वसूलने वाले निजी परिवहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने साथ ही कहा कि जल्द ही अधिक से अधिक बसों का संचालन बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

समस्या से निपटने के लिए रेल प्रशासन ने कई विशेष रेलगाड़ियां चलाई हैं।

मुख्यमंत्री ई. पलनीस्वामी की सरकार ने हड़ताल समाप्त कराने के उद्देश्य से संघों को बातचीत के लिए बुलाया है।