कुडनकुलम में 2018 से आने लगेंगी रूसी स्वचालित प्रणालियां

चेन्नई:  तमिलनाडु के कुडनकुलम में दो परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए रूस से स्वचालित नियंत्रण प्रणालियां वर्ष 2018 से पहुंचनी शुरू होंगी। यह जानकारी रशियन स्टेट न्यूक्लियर कॉरपोरेशन (रोस्तम) ने दी। इस कंपनी ने दो इकाइयों का निमार्ण कार्य पूरा कर लिया है और तीसरी और चौथी इकाइयों के निर्माण के लिए गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इनके निर्माण के लिए वर्ष 2014 में करार हुआ था।

स्वचालित नियंत्रण प्रणाली परमाणु विद्युत संयंत्रों के सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने का एक प्रमुख उपकरण होता है। इनमें सुरक्षा और नियंत्रित संचालन मोड में रखरखाव के लिए बहुत सारे विशेष उपकरण लगे रहते हैं।

ये प्रणालियां 1000 मेगावाट की तीसरी और चौथी इकाइयों के लिए हैं, जिनका निर्माण रोस्तम से जुड़ा ऑटोमेटेड कंट्रोल सिस्टम्स करेगा।

रूसी कंपनी के एक बयान के मुताबिक स्वचालित नियंत्रण प्रणालियों की आपूर्ति के लिए रोस्तम - आटोमेटेड कंट्रोल सिस्टम्स और एटमस्ट्रायएक्पोर्ट के बीच करार हुआ है। एटमस्ट्रायएक्पोर्ट कंपनी परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माण के लिए जिम्मेदार है।

इस करार में कहा गया है कि उपकरणों की आपूर्ति कुडनकुलम की तीसरी और चौथी इकाई के लिए क्रमश: वर्ष 2018 और 2019 से शुरू होगी उसके बाद इन इकाइयों को स्थापित करने का काम शुरू होगा।

करार के मुताबिक, रूस भारत में विभिन्न स्थानों पर कुल 12 परमाणु इकाइयां स्थापित करने में सहयोग कर रहा है। इनमें कुडनकुलम परमाणु परियोजना भी है।