वस्त्र उद्योग के लिए कौशल विकास जरूरी : कपड़ा मंत्री

जयपुर: केंद्रीय कपड़ा मंत्री के. एस. राव ने बुधवार को हस्तशिल्प, कालीन, ऊन, वस्त्र तथा सहायक उत्पादों के निर्यात संवर्धन पर एक सम्मेलन के दौरान राजस्थान के निर्यातकों से मुलाकात की और राजस्थान से नियार्तो की वृद्धि की रणनीति पर चर्चा की। मंत्री ने निर्यातकों से कहा कि कौशल विकास, समय की मांग है तथा मनरेगा और कुटीर उद्योग में उत्पादन के बीच श्रमिक संबंध स्थापित करना महत्वपूर्ण है, उन्होंने कहा कि वे इस मामले को मंत्रिमंडल में रखेंगे।

इसके अलावा उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वित्त मंत्रालय से अपनी संभावित बैठक में वे निर्यातकों द्वारा विदेशी मेलों/प्रदर्शनियों में भागीदारी पर सेवा कर से संबंधित मसलों तथा निर्यात संवर्धन परिषदों की सदस्यता शुल्क पर भी चर्चा करेंगे।

इस अवसर पर उन्होंने हस्तशिल्प उत्पादकता केंद्र का शिलान्यास किया जिसे भारतीय हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा कपड़ा मंत्रालय के आंशिक वित्तीय सहयोग के साथ स्थापित किया जा रहा है। इस इकाई की स्थापना लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र में की जानी है।

शिलान्यास के मौके पर राव ने कहा कि यह हस्तशिल्प उत्पादकता केंद्र, जयपुर के लिए एक उल्लेखनीय परियोजना होगी जो आने वाले वर्षो में कारीगरों, उद्यमियों तथा निर्यातकों के लिए मददगार बनेगी। उन्होंने जयपुर में ऐसी इकाई प्रस्तावित करने के लिए ईपीसीएच तथा हस्तशिल्प समुदाय की सराहना की।

सम्मेलन में 500 से अधिक अग्रणी निर्यातकों तथा हस्तशिल्प, कालीन, ऊन, वस्त्र तथा सहायक उत्पादों से जुड़े लोगों के अलावा केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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