राजस्थान के स्कूली किताबों में शामिल पीएम नरेंद्र मोदी की योजनाएं, अच्छी लंबाई और गोरेपन को बताया सफल एंटरप्रेन्योर बनने के गुण

राजस्थान के सरकारी स्कूलों सेंकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी पाठ्यक्रम में “सामाजिक रूप से प्रासंगिक” विषयों को शामिल किया गया है। राज्य और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकारों ने इसे अपने प्रमुख प्रयास के तौर पर प्रचारित किया है। लेकिन इस पाठ्यक्रम के तहत हिन्दी में शामिल की गयी किताबों में कई ऐसी बातें लिखी हैं जिन पर विवाद संभव है। मसलन, एक किताब में सफल एंटरप्रेन्योर के शारीरिक गुणों में “अच्छी लंबाई” और “सुंदर रंग” वांछित बतायी गयी है।

किताब में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की वसुंधरा राजे सरकार की कई सरकारी योजनाओं के बारे में बताया गया है। किताब में पीएम नरेंद्र मोदी के सभी घोषणाओं को बारे में विस्तार से बताते हुए “स्वच्छ भारत” की शपथ के “हर शब्द को अपने अंदर जज्ब” कर लेने का निर्देश दिया गया है। राजस्थान की कक्षा 12 की किताब में स्किल डेवलपमेंट्स के अध्याय में सफल एंटरप्रेन्योर बनने के लिए “वांछित गुणों” में उत्तम स्वास्थ्य, प्रभावशाली व्यक्तित्व, अच्छी ऊंचाई, सुंदर रंग, शालीनता, गंभीरता” का जिक्र किया गया है।

राज्य के स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक चार भागों में समाजोपयोगी योजनाएं पुस्तक शृंखला की किताबें पढ़ायी जा रही हैं। हर किताब में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर  केंद्रित चार अध्याय हैं। ये योजनाएं हैं- स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री जल स्वालंबन योजना और भामाशाह योजना। राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली वित्तीय मदद वाले अध्याय में बताया गया है कि भामाशाह ने महाराणा प्रताप को आर्थिक मदद की थी।

किताब में सफाई का महत्व, इसका स्वास्थ्य पर प्रभाव, वेस्ट मैनेजमेंट, टिकाऊ विकास, वित्तीय समायोजन, जल संरक्षण, परंपरागत जल स्रोतों को पुनर्जिवित करने की विधियां और महिला सशक्तिकरण के बारे में भी बताया गया है। सरकारी स्कूल के टीचरों के सात सदस्यीय दल द्वारा तैयार की गयी किताबों का बड़ा हिस्सा पीएम मोदी और सीएम वसुंधरा की घोषणाओं और योजनाओं के बारे में है। किताब में बजट घोषणाओं, मेक इन इंडिया और रिसर्जेंट राजस्थान सम्मिट इत्यादि की भी जानकारी दी गयी है।

  • Agency: IANS