जयपुर साहित्य महोत्सव में आरएसएस सदस्यों को शामिल करने पर स्पष्टीकरण

नई दिल्ली:  आगामी जयपुर साहित्य महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्यों मनमोहन वैद्य और दत्तात्रेय होसबोले को शामिल करने को लेकर हो रही आलोचनाओं पर आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम हमेशा विचारों, भाषाओं, राष्ट्रीयता और विषयों की विविधता के पक्ष में रहा है। वैद्य आरएसएस के संचार विभाग के प्रमुख हैं, जबकि होसबोले संयुक्त महासचिव हैं।

कार्यक्रम से अशोक वाजपेयी, उदय प्रकाश और के.सच्चिदानंदन जैसे लेखकों की अनुपस्थिति के लिए भी आयोजकों की आलोचना हो रही है। ये लेखक गत साल 'असहिष्णुता' के विरोध में पुरस्कार लौटाने को लेकर सुर्खियों में रहे थे।

आयोजकों ने कहा कि साल 2017 का कार्यक्रम विविध स्वरों और दृष्टिकोणों को सामूहिक रूप से एक मंच पर लाने की शैली से अलग नहीं होने जा रहा।

आयोजकों ने कहा, "(जयपुर साहित्य) महोत्सव अपने बुनियादी मूल्यों को बनाए रखे हुए है और समता, लोकतांत्रिक पहुंच तथा बोलने की आजादी को सबसे ऊपर रखता है। इसका मानना है कि सार्थक संवाद के लिए सभी दृष्टिकोणों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।"

साहित्य महोत्सव का आयोजन अगले साल 19 जनवरी से 23 जनवरी तक होगा।