राजस्थान सरकार श्रमिकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध : मंत्री

जयपुर: राजस्थान के श्रम एवं नियोजन राज्यमंत्री सुरेंद्र पाल टीटी ने कहा है कि प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के विकास एवं उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग एक करोड़ 25 लाख श्रमिकों के व्यक्तिगत पहचान पत्र बनाकर उन्हें भामाशाह योजना के तहत इस वर्ष पंजीकृत कर जोड़ा जाएगा, ताकि वे राज्य व केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

मंत्री शुक्रवार एक मई को विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर यहां हरिशचंद्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान के पटेल भवन में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भामाशाह कार्ड वितरण एवं नामांकन अभियान के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि देश में लगभग 37 करोड़ के लगभग असंगठित क्षेत्र में मजदूरों की संख्या है, जिनमें प्रदेश के लगभग एक करोड़ 25 लाख श्रमिक शामिल हैं। इनमें से लगभग 6 लाख मजदूर पंजीकृत हैं।

उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले शेष मजदूरों को इस वर्ष तक प्रदेश में संचालित विभिन्न 22 हजार ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से पंजीकृत कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण श्रमिकों के साथ अन्य क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को भी इस क्षेत्र में जोड़ा जाएगा।

मंत्री ने कहा कि देश में शीघ्र ही असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को स्वास्थ्य बीमा योजना, पेंशन योजना आदि विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए शीघ्र ही योजना शुरू की जाएगी, ताकि उनका जीवन स्तर ऊंचा हो सके। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के विकास के लिए 11 एक्ट बनाये गए हैं, जिनमें सभी प्रकार के श्रमिकों को शामिल किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को राज्य सरकार की स्किल डवलपमेंट योजना (कौशल विकास) से जोड़ा जाकर उन्हें विभिन्न कार्यों में प्रशिक्षित कर कुशल श्रमिक बनाया जायेगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की बेटी की शादी के लिए 51 हजार, प्रसूती के लिए 6 हजार, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख, पूर्ण रूप से अपंग होने पर 3 लाख, आंशिक स्थायी अपगंता होने पर एक लाख, गंभीर घायल होने पर 20 हजार तथा साधारण घायल होने पर 5 हजार रुपये एवं पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृति एवं बीमार होने पर सहायता राशि देने के साथ ही निजी आवास बनाने पर सहायता राशि दी जा रही है। इसके अलावा उनके बच्चों को आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक कालेजों में प्रवेश दिया जा रहा है।

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