आसाराम 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में

जोधपुर: स्वयंभू संत आसाराम बापू को राजस्थान के जोधपुर शहर की एक अदालत ने सोमवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आसाराम को एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "आसाराम को 15 सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।"

एक अधिकारी ने बताया कि इसके पहले राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (आरएसी) के अतिथि गृह में सोमवार को आसाराम से पूछताछ की गई। एक 16 वर्षीय लड़की ने आसाराम के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है।

यौन उत्पीड़न की यह घटना कथित तौर पर 15 अगस्त को जोधपुर शहर के बाहरी इलाके में स्थित आसाराम के आश्रम में घटी थी।

आसाराम को शनिवार आधीरात मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में स्थित उनके आश्रम से गिरफ्तार किया गया तथा रविवार अपराह्न उन्हें विमान से जोधपुर लाया गया। जोधपुर में उन्हें एक अदालत में पेश किया गया, तथा न्यायालय ने आसाराम को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

सोमवार को आसाराम को कड़ी सुरक्षा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में लाया गया, जहां सुनवाई के बाद उन्हें जोधपुर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "पुलिस ने उनसे रविवार शाम तथा सोमवार सुबह भी पूछाताछ की। शनिवार को आत्मसमर्पण कर चुके उनके सेवादार शिवा से भी पूछताछ की गई।"

शिवा पर आरोप है कि जिस कमरे में नाबालिग के साथ यौनाचार किया गया, वह उस कमरे के बाहर पहरा दे रहा था।

अधिकारी ने बताया, "आसाराम जांच में सहयोग दे रहे हैं, हालांकि उनके बयानों में विरोधाभास है।"

आसाराम ने नाबालिग द्वारा अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है, तथा आसाराम के बेटे ने दावा किया है कि आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की मानसिक तौर पर अस्वस्थ है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

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