कृषि मूल्य निर्धारण निकाय स्वायत्त हो : बादल

गांधीनगर: पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सोमवार को मांग की कि कृषि उपज के लिए मूल्य निर्धारण करने वाली केंद्र सरकार की इकाई को स्वायत्त बनाया जाए। यहां वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक कृषि सम्मेलन में उन्होंने कमिशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट्स एंड प्राइसेस (सीएसीपी) पर आरोप लगाया कि वह अनाजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारण करते वक्त कभी राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं करता है।

महात्मा मंदिर सभागार में यहां बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "इस इकाई को स्वायत्त बनाया जाना चाहिए।" इसी सम्मेलन में सीएसीपी के प्रमुख अशोक गुलाटी भी मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अन्य के साथ मंच पर मौजूद थे।

बादल ने कहा, "सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य तय नहीं करना चाहिए। स्वायत्त इकाई में किसानों का भी प्रतिनिधित्व होना चाहिए।"

उन्होंने सीएसीपी और केंद्र सरकार पर किसानों को उनकी उपज के लिए समुचित मूल्य नहीं देने का आरोप लगाया।

उन्होंने गुलाटी की ओर देख कर कहा, "क्या आपका फैसला सही है? क्या आपको पता है कि डीजल और अन्य सामग्रियों की कीमत कितनी बढ़ गई है।"

उन्होंने कहा, "मूल्य पर हमसे कभी पूछा भी नहीं जाता है।"

बादल ने केंद्र सरकार की इस सलाह की आलोचना की कि जल स्तर नीचे चले जाने के कारण पंजाब के किसानों को चावल की खेती करना छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने कहा, "यह कहना आसान है कि धान मत उगाइए। लेकिन जब कृषि क्षेत्र में संकट था, तब किसानों से धान की खेती करने के लिए कहा गया था। अब जब किसान संकट में हैं, तो क्या सरकार को उनकी मदद नहीं करनी चाहिए?"

उन्होंने कहा कि फरवरी 2014 में वह अगला वैश्विक कृषि सम्मेलन पंजाब में आयोजित करना चाहेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

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