पठानकोट हमलावर ने मां से दोस्तों को 'दावत' देने को कहा था

 

नई दिल्ली:  पंजाब के पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे पर हमला करने वाले एक आतंकवादी ने पाकिस्तान में अपनी मां को मोबाइल फोन पर अपनी अंतिम इच्छा जताते हुए कहा था कि उसकी मौत के बाद उसके दोस्तों को दावत पर बुलाया जाए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सूचनाओं के इंटरसेप्शन के आधार पर यह बात कही है।

एनआईए द्वारा सोमवार को दाखिल आरोप पत्र में कहा गया है कि भारतीय वायु सेना अड्डे की तरफ जाते समय आतंकवादियों के समूह ने रास्ते में दो स्थानीय लोगों से मोबाइल फोन छीने थे, जिनसे पाकिस्तान के वेहारी के निवासी नासिर हुसैन ने अपने आकाओं तथा परिजनों को कई बार कॉल किया।

आरोप पत्र में कहा गया है कि 18 मिनट की बातचीत के दौरान अम्मा कहकर संबोधित की जाने वाली महिला से उसने मोबाइल में उसकी बातचीत को रिकॉर्ड करने को कहा था।

एजेंसी ने कहा कि उसने महिला से कहा कि उसकी मौत के बाद वह उसके डेरावाला के दोस्तों को दावत दे।

हुसैन ने अपने परिवार के कुछ सदस्यों व रिश्तेदारों के नाम (मुदस्सिर, मरियम तथा अल्तमाश) भी लिए।

उसने अपनी मां से कहा कि समूह 30 दिसंबर, 2015 को भारतीय सीमा में रात दो बजे घुसपैठ कर दाखिल हो गया। इसके तीन दिन बाद उन्होंने वायुसेना अड्डे पर हमला किया, जिस दौरान हुई मुठभेड़ में सात सैनिक शहीद हो गए।

आरोप पत्र के मुताबिक, "उसने अपने सहोदर या चचेरे भाई से भी बातचीत की, जिसे वह मुन्ना कहकर बुला रहा था। साथ ही उसने मुन्ना नामक एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात की।"

आरोप पत्र में कहा गया, "अपनी मां के साथ हुई बातचीत के दौरान हुसैन ने एक व्यक्ति 'उस्ताद' का जिक्र किया, जो उसके (मां) पास उसकी 'वसीहत' (अंतिम इच्छा) लेकर आने वाला था।"

एनआईए ने अपने आरोप पत्र में पठानकोट हमले के साजिशकर्ता के रूप में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर तथा तीन अन्य व्यक्तियों का भी नाम लिया है।

ये टेलीफोन कॉल तब किए गए, जब आतंकवादी वायुसेना अड्डे में छिपे हुए थे, क्योंकि उसने अपनी मां से कहा था कि वह बस हमला करने ही वाले हैं।

ये कॉल एक जनवरी, 2016 को सुबह 9.20 बजे पाकिस्तान के 923000957212 नंबर पर किए गए। एनआईए ने कहा कि यह नंबर खयाम भट्टी नामक व्यक्ति का है, जिसे बाबर भट्टी के नाम से भी जाना जाता है। यह पाकिस्तान के सियालकोट में एक स्थानीय दुकानदार है।

एनआईए ने कहा, "हुसैन ने अपने तीन अन्य साथियों हाफिज अबु बकर, उमर फारूक तथा अब्दुल कयूम का भी नाम लिया।" जांच एजेंसी ने कहा कि हुसैन ने सुबह 8.40 बजे भी उसी नंबर पर कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

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