पंजाब के रसूखदारों को अपनी पुलिस पर ही भरोसा नहीं

चंडीगढ़, 29 मार्च (आईएएनएस)| हाल के दिनों में नकारात्मक खबरों में बनी रहने वाली पंजाब पुलिस को शर्मसार करने वाली एक खबर है। इस सप्ताह पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को सौंपे गए ब्योरे से खुलासा होता है कि सरकार के बड़े ओहदेदारों को अपनी सुरक्षा को लेकर उस पर भरोसा नहीं है। हद तो यह है राज्य पुलिस के बड़े अधिकारी भी अपनी सुरक्षा के लिए उस पर कम ही भरोसा करते हैं।

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उनके बेटे और उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, बादल के साले और काबीना मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों, सुखबीर बादल के साले बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से लेकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुमेध सिंह सैनी तक पंजाब पुलिस पर अपनी सुरक्षा के लिहाज से भरोसा नहीं करते हैं।

इन सभी ओहदेदारों के पास अर्ध सैनिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक या ज्यादा दल (उन्नत हथियारों से लैस 6 से 8 सुरक्षाकर्मी) करीबी सुरक्षा में तैनात है।

जहां बड़े बादल के चारों ओर 10 दल तैनात रहते हैं, वहीं सुखबीर बादल और कैरों को चार दल की सुरक्षा मिली हुई है और मजीठिया एवं सैनी की सुरक्षा में एक-एक दल तैनात है।

इस बात में कहीं से भी संदेह नहीं कि पिता-पुत्र बादल और डीजीपी आतंकवादियों के निशाने पर सबसे शीर्ष पर हैं इसलिए उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। लेकिन यह पंजाब पुलिस को दिलासा देने के लिए काफी नहीं है। वीआईपी के इर्दगिर्द राज्य की पुलिस होती है, लेकिन चलती तो सीआरपीएफ की ही है।

पंजाब पुलिस के लिए सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि चंडीगढ़ के सेक्टर 9 स्थित उसके मुख्यालय की अहर्निश सुरक्षा में उसके कर्मियों के साथ-साथ सीआरपीएफ की तीन टुकड़ी तैनात है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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