कटक में भक्तों को लुभा रहीं सोने-चांदी से सजी मूर्तियां

भुवनेश्वर: कोलकाता में भले ही सबसे भव्य दुर्गा पूजा पंडाल सजते हों, लेकिन लाखों भक्त ओडिशा के कटक शहर का भी रुख कर रहे हैं। यहां सोने-चांदी से सजावट देखते ही बनती है। देवी दुर्गा की मूर्ति के लिए बनाई गईं सोने और चांदी की पृष्ठभूमियों से कटक शहर जगमगा रहा है। खूबसूरती से सजे पंडाल और जगमगाती रोशनी सबको मंत्रमुग्ध कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि शहर में 21 पूजा समितियों ने पंडाल में चांदी से सजावट किया है, जिसे स्थानीय भाषा में 'चांदी मेधा' के नाम से जाना जाता है। पांच पूजा पंडालों में मूर्तियों को सोने के मुकुटों और आभूषणों से सजाया गया है।

महानगर शांति समिति के सचिव भिकरी दास ने बताया कि 2011 में जहां 14 'चांदी मेधा' थीं, वहीं इस बार ये 21 हो गई हैं।

मंगलबाग पूजा समिति के एक आयोजक के मुताबिक, तीव्र प्रतियोगिता ने कई पूजा समितियों को पिछले दशक में शुद्ध चांदी से बनी चांदी की विशाल फिलिग्री (चांदी के महीन तारों का काम) को पृष्ठभूमि में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया है जो कि अब शहर की परंपरा और फैशन बन गया है।

सूत्र के मुताबिक, पहली बार सोने का इस्तेमाल चौधरी बाजार पूजा समीति ने किया था, जिसने 2002 में देवियों के लिए सोने के मुकुट बनाए थे।

दशहरा पर्व में देवी दुर्गा के अतिरिक्त अन्य देवियों को भी सोने के मुकुट पहनाए जाते हैं।

राजधानी भुवनेश्वर में भव्य पूजा पंडाल विभिन्न थीम दर्शा रहे हैं, जिन्हें देखने के लिए राज्य और बाहर से भारी भीड़ जुट रही है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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