ओडिशा में 600 प्रवासी मजदूर बचाए गए

भुवनेश्वर : ओडिशा में तीन दिन पहले दो मजदूरों को बर्बर यंत्रणा दिए जाने के खिलाफ की गई कार्रवाई में 170 बच्चों सहित 600 से अधिक प्रवासी मजदूरों को बचाया गया। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जिला श्रम अधिकारी एन. कुमार ने आईएएनएस को बताया कि गुरुवार को नुआपाड़ा जिले के खरियर मार्ग रेलवे स्टेशन पर श्रमिकों को बचाया गया, हालांकि वे वहां उत्तर प्रदेश की गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। श्रमिकों में 180 महिलाएं भी शामिल थीं।

श्रमिक अधिकतर नुआपाड़ा और बरगढ़ जिलों के गांवों के रहने वाले हैं। उनमें से कुछ श्रमिक पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।

छापे के दौरान ठेकेदारों को पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भाग निकले।

बचाए गए श्रमिकों को उनके गांव वापस भेज दिया गया है, इसके साथ ही प्रशासन सुनिश्चित करेगा कि उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत काम मिले।

ओडिशा के बोलनगीर जिले में तीन दिन पहले श्रमिक ठेकेदारों ने कथित तौर पर दो श्रमिकों के हाथ काट दिए थे। पुलिस ने अभी तक एक ठेकेदार सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और पूछताछ के लिए कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

नुआपाड़ा, कालाहांडी, कोरापुत, रायगढ़ और बोलनगीर सहित ओडिशा के कुछ पश्चिमी जिलों को देश के आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा पिछड़े इलाकों में माना जाता है।

हर साल हजारों नागरिक नौकरी की तलाश में प्रवास करते हैं। उनका शोषण ज्यादातर बिचौलियों और श्रमिक ठेकेदारों द्वारा किया जाता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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