ओडिशा में हाथियों की संख्या में वृद्धि

पिछले दो वर्षो में अलग-अलग कारणों से 156 हाथियों की मौत के बावजूद ओडिशा में इनकी संख्या 2015 की 1954 के मुकाबले मामूली बढ़त के साथ 1976 हो गई है। सोमवार को राज्य के वन एवं पर्यावरण विभाग की प्रमुख बिजयश्री राउत्रे द्वारा जारी की गई 2017 की हाथी जनगणना रिपोर्ट बताती है कि 2015 के आंकड़ों के मुकाबले इस बार 22 हाथियों की बढ़ोत्तरी हुई है।

2012 में राज्य में हाथियों की संख्या 1,930 थी।

राज्य में हाथियों के तीन आरक्षित क्षेत्रों (मयूरभंज, महानदी और सम्बलपुर) में 1,536 हाथियों को गिना गया है, जोकि राज्य में हाथियों की संख्या का 77.73 प्रतिशत है। इन क्षेत्रों में सात अभ्यारण्य हैं।

पांच अन्य अभ्यारण्यों में हाथियों की संख्या 79 है। वनविभाग के अधिकारियों ने हाथी आरक्षित क्षेत्रों और अभ्यारण्यों से बाहर 361 हाथियों की गणना की है।

जनगणना रिपोर्ट बताती है, 2015 की तुलना में, जहां नर हाथियों की संख्या में तीन की वृद्धि हुई है, तो मादा हथियों की संख्या में चार की कमी आई है। युवा हाथियों की संख्या में 12 की बढ़ोत्तरी हुई है।

सबसे ज्यादा 330 हाथी सिमिलिपल आरक्षित (मुख्य क्षेत्रों) क्षेत्र में पाए गए हैं, वहीं ढेकानाल क्षेत्र में 169 हाथी हैं।

वनविभाग ने हाथियों की गणना के लिए 5,847 व्यक्तियों को लगाया था।

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