दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी पर बरसे CM अरविंद केजरीवाल-बीजेपी के इशारों पर कर रहे हैं काम

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी को समन जारी करते हुए कहा कि वह बीजेपी के जासूस हैं और उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। केजरीवाल ने चीफ सेक्रेटरी को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के बढ़े किराए को लेकर जांच के आदेश देने को कहा था, लेकिन उन्होंने एेसा करने से मना कर दिया। इसके बाद गुस्साए केजरीवाल ने चीफ सेक्रेटरी को उनके आवास पर समन भेजकर जवाब मांगा है कि उन्होंने उनके आदेशों का पालन क्यों नहीं दिया। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने कथित रूप से कहा है कि चीफ सेक्रेटरी बीजेपी के इशारों पर काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले चीफ सेक्रेटरी एमएम कुट्टी से कहा था कि वह डायलॉग एंड डिवेलपमेंट कमिशन (डीडीसी) से मेट्रो के बढ़े किरायों की जांच करने को कहें। साथ ही यह भी देखें कि क्या किराया बढ़ने से रोका जा सकता है। केजरीवाल ने यह भी जानना चाहा था कि क्या दिल्ली मेट्रो अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है और क्या किराया बढ़ाना तर्कसंगत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी डीएमआरसी में बराबर की पार्टनर है और किराया बढ़ने से आम आदमी पर प्रभाव होने से वह चिंतित हैं।

अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को लेकर केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी पत्र लिखा था, जिसके जवाब में उन्होंने कहा था कि अगर केजरीवाल किराया बढ़ोतरी को रोकना चाहते हैं तो दिल्ली सरकार को मेट्रो परिचालन में हर साल होने वाले 3000 करोड़ रुपये की भरपाई करनी होगी।  

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पुरी ने केजरीवाल के सुझावों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर उन्हें मौजूदा परिस्थतियों में किराये बढ़ोतरी को रोकना नामुमकिन बताते हुए उनकी मांग को स्वीकार करने के एवज में किये जा सकने वाले उपाय भी सुझाये हैं। पुरी ने कहा कि मेट्रो रेल (परिचालन एवं रखरखाव) अधिनियम 2002 के तहत गठित समिति की सिफारिशें मेट्रो प्रबंधन पर बाध्यकारी होती हैं। इतना ही नहीं इस कानून के तहत केंद्र या राज्य सरकार और डीएमआरसी के निदेशक मंडल के पास भी समिति की सिफारिशों में बदलाव करने का कानूनी अधिकार नहीं है।

 

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