आप के घोषणा पत्र जारी: शिक्षा और सेहत पर रहेगा अधिक जोर

दिल्ली नगर निगम चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के संभावित घोषणा पत्र को लेकर अन्य दलों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। भाजपा, कांग्रेस और स्वराज अभियान सहित अन्य दल अपने घोषणा पत्र पहले की जारी कर चुके हैं। इन सभी दलों ने अपने घोषणा पत्रों में दिल्ली के नागरिकों की समस्याओं को लेकर ज्यादातर मुद्दे उठाए हैं। अब अंत में बारी आम आदमी पार्टी की है। पार्टी की एक अलग टीम इसकी जोर शोर से तैयारी कर रही है। पार्टी एक-दो दिन में अपना घोषणा पत्र ला रही है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि उसके बाद अन्य दलों के पास आप क ी घोषणाओं के खिलाफ प्रचार करने का समय ही नहीं बचेगा। सूत्रों के मुताबिक आप अपने घोषणा पत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक जोर दे सकती है।

आप ने निगम चुनावों की घोषणा होते ही, सबसे पहले दिल्ली वालों का गृहकर माफ करने की घोषणा की थी। पार्टी ने यह भी कहा कि वह जिनका गृहकर बकाया हैं, उसे भी माफ कर दिया जाएगा। आप को लगा कि उसकी इस घोषणा का व्यापक असर होगा और उसे चुनावों में फायदा मिलेगा लेकिन केजरीवाल की ओर से की गई इस घोषणा का आप को ज्यादा समर्थन नहीं मिला है। दिल्ली देहात व ग्रामीण अंचल में कोई भी गृहकर नहीं देता है। दिल्ली का एक बड़ा हिस्सा भी स्लम व पुनर्वास बस्तियों में रहता है। ये लोग भी गृहकर नहीं देते हैं।
आप अब उन मुद्दों को तलाश रही है, जो सीधे एक आम शहरी से जुड़े हो। दिल्ली नगर निगम के पास दो प्रमुख जिम्मेदारी हैं। पहला प्राथमिक शिक्षा और दूसरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। दिल्ली के तीनों नगर निगमों में इनकी हालत खराब है। इसी तरह नगर निगम के ज्यादातर स्कूलों की स्थिति भी अच्छी नहीं है। कई स्कूलों की इमारतें खस्ताहाल हैं। बहुत सारे स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले शिक्षकों की संख्या कम है।

इन स्कूलों में शौचालयों की स्थिति भी खराब है। सूत्रों के मुताबिक आप राजधानी के सभी प्राथमिक स्कूलों में ई-शिक्षा देने की घोषणा कर सकती है। इसके अलावा सभी स्कूलों में शुरुआत से ही अंग्रेजी की शिक्षा देने की भी घोषणा की जा सकती है। केजरीवाल सरकार ने अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया है। ये भी संभावना है कि आप दिल्ली की प्राथमिक शिक्षा को लेकर नई घोषणाएं करें जिसके बाद गरीब लोग पार्टी से जुड़ सकते हैं। इसी तरह से निगम के अस्पतालों और डिस्पेंसरियों की हालात काफी खराब है। नगर निगम ने बरसों से कोई नया अस्पताल भी नहीं बनाया है। आप हो सकता है कि निगम की प्राथमिक स्वास्थ्य को भी अपने अधीन लेने की घोषणा कर दे। इसी तरह से दिल्ली में करीब 60 फीसदी इमारतों में अवैध निर्माण हुआ है और हर समय उनमें रहने वालों को निगम के हथौड़े का डर परेशान करता है। यह भी संभावना है कि आप के तय सीमा तक बनाई गर्इं अवैध इमारतों को नियमित करने की घोषणा कर दे। केजरीवाल सरकार अब किसी भी तरह से निगम की सत्ता पाने के लिए अपने घोषणा पत्र में इस तरह की लोक लुभावन वाली घोषणाएं कर सकती है।

  • Agency: IANS