नौकरी दिलाने के नाम पर मानव तस्करी का गोरखधंधा

दिल्ली महिला आयोग ने घरेलू सहायिका का काम करने वाली 14 साल की लड़की को मानव तस्करों को चंगुल से बचाने का दावा किया है। आयोग के मुताबिक, इस लड़की को देह व्यापार में धकलने की कोशिश कर रही प्लेसमेंट एजंसी की संचालिका सहित तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डीसीडब्लू ने बताया कि बुधवार को एक व्यक्ति ने 181 महिला हेल्पलाइन पर फोन करके सूचना दी कि उसे रास्ते में एक लड़की मिली है जिसके कपड़े भी फटे हुए हैं और वह रो रही है और शिकायत कर रही है कि कुछ लड़के उसके पीछे पड़े हुए हैं और उसे उठाकर ले जाना चाहते हैं। यह सूचना मोबाइल हेल्पलाइन प्रोग्राम (एमएचएल) की काउंसलर को भेजी गई जिसने लड़की का ब्योरा नोट कर पुलिस को सूचित किया।
इसके बाद मोबाइल हेल्पलाइन की काउंसर और पुलिस दोनों मौके पर पहुंच गए और लड़की को बचा लिया। पुलिस ने नेताजी सुभाष पैलेस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया और दुर्गा नामक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस दूसरे आरोपियों की भी तलाश कर रही है। दिल्ली महिला आयोग इससे पहले भी मानव तस्करों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई कर चुका है।

 

प्लेसमेंट एजंसी ने दिया धोखा
मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त की गई यह लड़की खुद को ओड़ीशा की रहने वाली बता रही है। उसने कहा कि उसके पिता की मौत हो चुकी है और उसके गांव में रहने वाली एक दुर्गा नाम की महिला एक साल पहले उसे नौकरी का लालच देकर दिल्ली लेकर आ गई थी। दुर्गा शकूरपुर में दुर्गा प्लेसमेंट एजंसी भी चलाती है। शुरुआत में दुर्गा ने उसे विकासपुरी में एक घर में घरेलू सहायिका के तौर पर लगवा दिया। लेकिन 8 महीने काम करने के बाद भी इस लड़की को एक पैसा भी नहीं मिला। आरोप है कि सारा पैसा दुर्गा खुद रख लेती थी। दो महीने पहले दुर्गा इस लड़की को वापस अपने साथ लेकर आ गई और शकूरपुर में ही एक दूसरी औरत रीता के घर छोड़ दिया। पिछले 15 दिन से रीता के घर रोज 3 से 4 लड़के आते थे और इस 14 साल की लड़की का यौन शोषण करते थे। बुधवार को यह लड़की मौका देखकर रीता के घर से भाग निकली और एक राहगीर को मिल गई जिसने 181 पर फोन कर उसकी मदद की।

  • Agency: IANS