मप्र में बाल यौन हिंसा के खिलाफ कड़ा कानून बनेगा : शिवराज

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों के साथ यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में इसे रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया जाएगा, इसके लिए विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा, ताकि दोषियों को कठोरतम सजा मिल सके। शुक्रवार को तात्या टोपे स्टेडियम में नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की 'सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भारत' यात्रा के अभिनंदन समारोह में चौहान ने लोगों से आह्वान किया, "बाल यौन हिंसा की घातक मानसिकता को जड़ से समाप्त करने के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा, क्योंकि यह मानसिकता स्वस्थ समाज के लिए हानिकारक है।"

मुख्यमंत्री चौहान ने आगे कहा, "मासूमों के साथ दुराचार करने वाले अपराधियों को कठोरतम दंड दिलाने के लिए राज्य सरकार शीध्र ही विधानसभा से विधेयक पारित कर भारत सरकार को भेजेगी। इसके साथ ही समाज में इस प्रकार की विकृत मानसिकता को समाप्त करने के लिए जन-जगरण अभियान चलाना होगा।"

इस अवसर पर सत्यार्थी ने कहा कि यह यात्रा समाज से बाल हिंसा के कलंक को खत्म करने के लिए आयोजित की जा रही है। यात्रा 11 सितंबर से शुरू हुई है और देश के 22 राज्यों से होते हुए करीब 11 हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यात्रा का समापन 16 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में होगा।

उन्होंने कहा, "यह यात्रा लैंगिक उत्पीड़न के प्रति समाज की मानसिकता को बदलने की सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्रांति की प्रतीक है।"

कार्यक्रम में चौहान और सत्यार्थी ने डॉ.अनिल सिरवैया द्वारा बच्चों के लिए तैयार किए गए नॉलेज कैलेंडर का विमोचन किया। इस मौके पर यात्रा में शामिल लोगों को बाल हिंसा के विरोध में संघर्ष करने का संकल्प भी दिलाया गया।

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