मप्र में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए 5 हजार बसें जब्त : कांग्रेस

मध्यप्रदेश में चल रही नर्मदा सेवा यात्रा के समापन पर 15 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचने वाले हैं। विपक्षी कांग्रेस का आरोप है कि अमरकंटक में होने वाले इस कार्यक्रम में दो लाख से ज्यादा भीड़ जुटाने का लक्ष्य हर जिले को दिया गया है और इसके लिए पांच सौ से ज्यादा बसें जब्त की गई हैं। कांग्रेस ने बतौर सबूत कुछ दस्तावेज भी जारी किए हैं। कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शुक्रवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में नर्मदा यात्रा के समापन कार्यक्रम में 15 मई को प्रधानमंत्री के आगमन पर सख्त ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, "नर्मदा नदी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिजनों ने बड़े पैमान पर रेत का अवैध खनन किया है, इसके सबूत प्रधानमंत्री को फोटो, वीडियो और समाचारपत्रों की कतरनों सहित भेजे जा चुके हैं। अगर फिर भी प्रधानमंत्री समापन कार्यक्रम में आते हैं, तो इसका मतलब होगा कि इस अवैध कारोबार को उनका परोक्ष या अपरोक्ष समर्थन हासिल है।"

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के प्रचार-प्रसार पर राजस्व कोष के करोड़ों रुपये बर्बाद किए गएं हैं, वहीं प्रधानमंत्री के नाम पर सरकार ने प्रदेश के 51 जिलों से दो लाख 12 हजार 250 लोगों के लिए कुल पांच हजार 311 बसों को जब्त कर उन्हें लाने-ले जाने की व्यवस्था की गई है।

कांग्रेस का आरोप है कि इस भीड़ को विभिन्न पंचायतों, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले जन अभियान परिषद व अन्य एजेंसियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिए जाने के नाम पर बुलाया जा रहा है, जिन्हें 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा। यही नहीं, इनके भोजन वगैरह के खर्च का वहन पर्यटन विभाग द्वारा किया जाएगा और अन्य खर्च राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और कृषि मंत्रालय के अधीन कार्यरत एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी (आत्मा) कोष से किया जाएगा।

कांग्रेस का आरोप है कि उधर नर्मदा सेवा यात्रा की जा रही है और इधर मुख्यमंत्री के गृह जिले सीहोर और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बुदनी से सटे हुए इटारसी, इछावर, नसरुल्लागंज, छीपानेर, शाहगंज, बुधनी, होशंगाबाद, आंबाजदीद, मंडी, सातदेव, सीलकंठ, नीलकंठ, बडगांव और डिमावर के तटीय रेत घाटों से प्रतिदिन 800 से 1000 ट्रक-डंपर अवैध रूप से रेत का खनन और परिवहन कर रहे हैं।

विपक्षी पार्टी का कहना है कि इनसे संबद्ध घाटों पर 30 से 50 पोकलीन और जेसीबी मशीनें न केवल चल रही हैं, बल्कि 1200 नावें, 500 से अधिक हाईवा व ट्रक, इससे अधिक ट्रेक्टर-ट्रॉली और लगभग तीन से चार हजार मजदूर इस अवैध कारोबार को अंजाम देते हुए निरंतर दिखाई दे रहे हैं। रेत माफियाओं ने रेत चोरी करने के लिए सीहोर जिले की सीमा जोशीपुर-जर्रापुर की ओर नर्मदा नदी पर 600 मीटर लंबा अस्थायी पुल भी बना दिया है।

कांग्रेस का आरोप है कि बिना नंबर प्लेट, बिना टैक्स, बिना पंजीयन और फिटनेस के चलने वाले ट्रकों-डंपरों, जेसीबी, पोकलेन मशीनों पर 'चौहान इंटरप्राइज' व 'चौहान ब्रदर्स' लिखा हुआ है। इन वाहनों के मालिक कौन हैं और किसके रिश्तेदार हैं, यह किसी से छुपा नहीं है।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से नर्मदा में चल रहे अवैध कारोबार की जांच सक्षम एजेंसियों से कराने की मांग की है और अनुरोध किया है कि वे समापन समारोह में आने का विचार त्याग कर अपने उस दावे को पूरा करें, जिसमें उन्होंने कहा था 'न खाऊंगा और न खाने दूंगा।'

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