मप्र के सुरक्षित मातृत्व में अव्वल होने का 'राज' खोलें शिवराज : कांग्रेस

भोपाल:  मध्यप्रदेश सरकार के प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में राज्य के सर्वश्रेष्ठ होने के दावे पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने सोवार को एक बयान जारी कर कहा है कि "जब राज्य में मातृ मृत्यु दर में सुधार नहीं आया तो अव्वल कैसे हो गया?" यादव ने यहां सोमवार को जारी किए गए एक बयान में कहा, "मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी करते हैं। आंकड़ों और लफ्फाजी के बल पर वे सूबे की भोली-भाली जनता को भ्रम में डालते हैं।"

यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में मध्यप्रदेश कैसे सर्वश्रेष्ठ हुआ, इसका खुलासा मुख्यमंत्री ही कर सकते हैं, क्योंकि राज्य सरकार के आंकड़े कुछ और ही कहते हैं।

इन आंकड़ों के मुताबिक, ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर का आंकड़ा प्रति एक लाख पर 125 था। बारहवीं पंचवर्षीय योजना में भी यह आंकड़ा पूर्व की तरह 125 प्रति लाख बना हुआ है। शिशु मृत्युदर जहां 11वीं पंचवर्षीय योजना में प्रति हजार 40 थी, वह 12वीं पंचवर्षीय योजना में भी 40 बनी हुई है।

यादव का कहना है कि हालात जस के तस होने के बावजूद मध्यप्रदेश किस तरह देश में अव्वल आ रहा है, इसकी जांच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कराना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे ईमानदारी का परिचय देते हुए इसकी जांच कराएं कि केंद्र में बैठे वे कौन लोग हैं जो मध्यप्रदेश पर खास तौर पर मेहरबान हैं और उपलब्धि हासिल करने वाले वास्तविक राज्यों से अन्याय करने पर आमादा हैं।

यादव ने आगे कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा के हाल बेहद बुरे हैं। पिछले 13 सालों से भाजपा का यहां शासन है। मुख्यमंत्री पद पर पिछले 11 सालों से चौहान विराजमान हैं। वे केवल शिगूफेबाजी और आंकड़ों की जुगाली करते हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के मोर्चे पर राज्य की स्थितियां वास्तव में बद से बदतर होती जा रही हैं। इनमें सुधार की बजाय जुगाड़बाजी से मुख्यमंत्री पुरस्कार पर पुरस्कार हासिल कर प्रदेशवासियों और देश को भ्रमित कर अपनी राजनीति चला रहे हैं।

  • Agency: IANS
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