मिजोरम : 6 माह में छठे राज्यपाल होंगे कुरैशी

आइजोल : अजीज कुरैशी पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम के नए राज्यपाल मनोनीत किए गए हैं। कुरैशी के रूप में राज्य को छह माह से भी कम समय में यह छठा राज्यपाल मिलेगा। उन्हें उत्तराखंड से मिजोरम भेजा जा रहा है।

राज भवन के एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा, "कुरैशी दो सप्ताह के बाद कांग्रेस-शासित मिजोरम में पदभार ग्रहण करेंगे।"

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 74 वर्षीय कुरैशी को मंगलवार को मिजोरम के राज्यपाल के रूप में मनोनीत किया। राज्यपाल के रूप में उनका शेष कार्यकाल मई 2017 तक चलेगा।

कुरैशी ने पूर्व में सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दायर कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर उन पर पद छोड़ने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था।

राज भवन के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "अजीज कुरैशी के दो सप्ताह के ब्रेक के बाद जनवरी के तीसरे सप्ताह में मिजोरम के 15वें राज्यपाल के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है।"

राज्यपालों के स्थानांतरण का यह सिलसिला वक्कोम बी. पुरुषोतमन के स्थानांतरण से शुरू हुआ था। उन्हें छह जुलाई को नागालैंड भेज दिया गया था। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और दावा किया था कि स्थानांतरण से पहले उनसे विचार-विमर्श नहीं किया गया था। उन्होंने कहा था कि 'राज्यपालों के साथ क्लर्को जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता।'

इसके अतिरिक्त जुलाई में गुजरात की तत्कालीन राज्यपाल कमला बेनीवाल का स्थानांतरण मिजोरम कर दिया गया था। बेनीवाल (87) ने नौ जुलाई को मिजोरम की 12वीं राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था। लेकिन एक माह से भी कम समय अर्थात छह अगस्त को उन्हें पद से हटा दिया गया था।

पूर्व केंद्रीय गृह सचिव विनोद कुमार दुग्गल उस वक्त मणिपुर के राज्यपाल थे। बेनीवाल को पद से हटाए जाने के बाद दुग्गल को ही मिजोरम के 13वें राज्यपाल के रूप में अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। लेकिन 28 अगस्त को उन्होंने भी पद से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन को 24 अगस्त को अपना शेष कार्यकाल पूरा करने के लिए मिजोरम स्थानांतरित कर दिया गया। उनका कार्यकाल 2017 को खत्म होना था। लेकिन उन्होंने स्थानांतरण के तुरंत बाद इस्तीफा दे दिया।

उसके बाद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं मेघालय के तत्कालीन राज्यपाल कृष्ण कांत पॉल को मिजोरम और मणिपुर दोनों जगहों का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। लेकिन मंगलवार को कुरैशी के साथ ही उनके स्थानांतरण का भी आदेश जारी किया गया।

पॉल ने मिजोरम के राज्यपाल के रूप में अतिरिक्त कार्यभार 16 सितंबर को संभाला था।

आइजोल के एक कांग्रेसी नेता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस से कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार मिजोरम राजभवन को 'सजा केंद्र या कचरा मैदान' के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जहां पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सप्रंग) सरकार द्वारा मनोनीत राज्यपालों को जबरन भेज दिया जाता है।

26 मई को नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद केंद्र सरकार के इशारे पर आठ राज्यपालों ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले राज्यपालों में बी.एल. जोशी (उत्तर प्रदेश), शेखर दत्त (छत्तीसगढ़), अश्विनी कुमार (नागालैंड), एम.के. नारायण (पश्चिम बंगाल), बी.वी. वांचू (गोवा), पुरुषोतमन (मिजोरम), के. शंकरनारायणन (महाराष्ट्र) और शीला दीक्षित (केरल) शामिल हैं।

  • Agency: IANS