अजगर का शिकारी मिजो युवक गिरफ्तार

आइजोल: मिजोरम की राजधानी आइजोल में वन अधिकारियों ने अजगर का शिकार करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसने एक बाजार मेंअजगर को जला दिया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। एक वन अधिकारी ने कहा, "लालरामलियाना नाम का युवक शुक्रवार को दारखुआंग नदी से एक 13 फीट लंबे अजगर को पकड़कर फाल्कॉन गांव में लाया और यहां एक बाजार में सबके सामने उसे जला दिया।"

वन विभाग घटना की सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचा और लालरामलियाना को गिरफ्तार कर लिया।

लालरामलियाना पर वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम, 1972 की धारा 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उसकी अदालत में पेशी हुई, जहां से उसे तीन दिन के लिए हिरासत में भेज दिया गया।

मिजो समुदाय के लोगों का विश्वास है कि अजगर का पित्त दवा का काम करता है। इसका इस्तेमाल पेचिश, दस्त और हैजा जैसी बीमारियों के उपचार के लिए दवा बनाने में किया जाता है।

मिजो समुदाय में गर्भवती स्त्रियों के लिए अजगर का मांस खाना लाभकारी माना जाता है। इससे बच्चे के जन्म के समय परेशानियां कम होती हैं।

बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा से लगे पूर्वोत्तर भारतीय राज्य मिजोरम से छिपकली की खाल की भी बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है।

वन्यजीव एवं वन अधिकारियों के मुताबिक, दुर्लभ छिपकली की खाल का इस्तेमाल दक्षिण एशियाई देशों में महंगे परिधानों, दवाओं और दूसरे उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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