मिजोरम में दो तिहाई मतदाताओं ने किया मतदान

आईजोल: लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत मिजोरम की एकमात्र संसदीय सीट के लिए शुक्रवार को करीब दो तिहाई मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य में एक विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव भी कराया गया है। अधिकारियों ने यहां बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा।

मिजोरम के संयुक्त मुख्य निर्वाची अधिकारी एच. लालेंगमाविया ने आईएएनएस से कहा कि 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है और अंतिम आंकड़ा शनिवार को सामने आ सकेगा।

2009 के चुनाव में 51 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था।

यहां नौ अप्रैल को मतदान होने वाला था, लेकिन गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) व छात्र संगठनों के चुनाव के बहिष्कार की अपील और तीन दिवसीय बंद के कारण मतदान की तारीख बढ़ा दी गई थी।

मिजोरम के मुख्य निर्वाची अधिकारी अश्विनी कुमार ने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी अप्रिय वारदात की सूचना नहीं मिली है। दो देशों म्यांमार और बांग्लादेश से सटा यह राज्य त्रिपुरा और असम का पड़ोसी राज्य है।

अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "युवा, नए और महिला मतदाता पारंपरिक पोशाक के साथ मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजने से पहले ही कतारबद्ध हो गए।"

इस संसदीय सीट पर कांग्रेस के सी.एल.रौला, युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के रॉबर्ट रोमाविया रॉयते और आम आदमी पार्टी (आप) के एम.ललमानजुआला के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।

मिजो नेशनल फ्रंट (यूडीएफ) की अगुआई वाले आठ दलों का गठबंधन मुख्य विपक्षी यूडीएफ को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन हासिल है।

जनजातियों के आरक्षित लोकसभा सीट पर एमएनएफ को 2004 में जीत मिली थी।

ह्रैंगटुजरे विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव के तहत भी शुक्रवार को ही मतदान शुरू हुआ। मुख्यमंत्री लल थनहवला ने यह सीट छोड़ी है, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराए जा रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने दो सीटों से जीत दर्ज की थी।

यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार वनलालावम्पुई चावंगथु हैं, जबकि यूडीएफ ने एच. लल्दुहाव्मा को मैदान में उतारा है, जो पिछले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के उम्मीदवार थे और चुनाव हार गए थे।

1,091,014 आबादी वाले मिजोरम में 7,02,189 मतदाता हैं जिसमें 355,954 महिलाएं हैं जिन्हें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हुए लोकसभा के तीन उम्मीदवारों में से अपनी पसंद के प्रत्याशी का चुनाव करना था।

राज्य में 1,126 मतदान केंद्रों पर 4,500 मतदान अधिकारी तैनात किए गए। इनमें से 385 में वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) मशीन लगाए गए हैं।

वीवीपीएटी से मतदान की पुष्टि हो जाती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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