मिजोरम चुनाव : पहले 3 घंटे में 30 फीसदी मतदान

आईजोल: लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत मिजोरम की एकमात्र संसदीय सीट के लिए शुक्रवार सुबह शुरू हुआ मतदान जारी है। राज्य की एकमात्र विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव के तहत भी मतदान हो रहे हैं। पहले तीन घंटे यानी 10 बजे तक करीब 30 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान शाम पांच बजे समाप्त होगा। यहां नौ अप्रैल को मतदान होने वाला था, लेकिन गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) व छात्र संगठनों के चुनाव के बहिष्कार की अपील और तीन दिवसीय बंद के कारण मतदान की तारीख बढ़ा दी गई थी।

निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने बताया कि अब तक मतदान शांतिपूर्ण रहा है और किसी भी स्थान से अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "युवा, नए और महिला मतदाता पारंपरिक पोशाक के साथ मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजने से पहले ही कतारबद्ध हो गए।"

इस संसदीय सीट पर कांग्रेस के सी.एल.रौला, युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के रॉबर्ट रोमाविया रॉयते और आम आदमी पार्टी (आप) के एम.ललमानजुआला के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 7,02,189 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हुए लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतरे तीन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

ह्रैंगटुजरे विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव के तहत भी शुक्रवार को ही मतदान शुरू हुआ। मुख्यमंत्री लल थनहवला ने यह सीट छोड़ी है, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराए जा रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने दो सीटों से जीत दर्ज की थी।

यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार वनलालावम्पुई चावंगथु हैं, जबकि यूडीएफ ने एच. लल्दुहाव्मा को मैदान में उतारा है, जो पिछले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के उम्मीदवार थे और चुनाव हार गए थे।

राज्य में 1,126 मतदान केंद्रों पर 4,500 मतदान अधिकारी तैनात किए गए। इनमें से 385 में वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) मशीन लगाए गए हैं।

मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की आठ कंपनियां और राज्य सुरक्षा बलों की छह टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

मिजोरम में छह एनजीओ और छात्र संगठनों ने यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) के नेतृत्व में सात अप्रैल से 72 घंटे का बंद आहूत किया था और जनता से नौ अप्रैल के चुनाव का बहिष्कार करने का आह्वान किया था। यह बहिष्कार त्रिपुरा में रह रहे जनजातीय शरणार्थियों को डाक के जरिए मतदान का अधिकार दिए जाने के विरोध में किया गया था।

त्रिपुरा के कंचनपुर के उप मंडलीय दंडाधिकारी नांटु दास ने आईएएनएस को बताया कि आईजोल में मतगणना को बाधित करने की एनजीओ की धमकी को देखते हुए 16 मई को मतगणना कंचनपुर में कराई जाएगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

POPULAR ON IBN7.IN