मिजोरम चुनाव : मिजोरम में 82 फीसदी मतदान

आईजोल: देश के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में विधानसभा के लिए सोमवार को हुआ मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। राज्य में लगभग 82 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य के एक निर्वाचन अधिकारी ने यह जानकारी दी। मिजोरम के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी माविया ने बताया, "राज्य के 6,90,860 मतदाताओं में 81 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने मत डाले।"

माविया ने बताया कि राज्य में 2008 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव की भांति ही इस बार भी पुरुषों की अपेक्षा महिला मतदाताओं द्वारा अधिक संख्या में मताधिकार का प्रयोग किए जाने की उम्मीद है।

एक अधिकारी ने फोन पर आईएएनएस को बताया, "मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। राज्य में किसी भी जगह से मामूली गड़बड़ी की खबर तक नहीं आई।"

राज्य के 142 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो चुका है, तथा नौ दिसंबर को होने वाली मतगणना में उनकी तकदीर का फैसला आएगा।

राजनीतिक दलों ने भी शांतिपूर्वक मतदान संपन्न होने और भारी संख्या में मतदाताओं द्वारा मत डाले जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

कुछ जगहों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी आ जाने से मतदान कुछ देर के लिए रुका रहा।

राज्य की 40 में से 39 सीटें जनजातीय उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं और एकमात्र सीट सामान्य श्रेणी के लिए है।

राज्य के 6,90,860 मतदाताओं में 350,333 लाख महिला मतदाता शामिल हैं।

चुनाव में खड़े 142 उम्मीदवारों में छह महिलाएं हैं। चुनाव के लिए राज्य में 1,126 मतदान केंद्र बनाए गए थे।

एक निर्वाचन अधिकारी ने बताया, "राज्य के 40 विधानसभा सीटों में से 10 सीटों पर नवनिर्मित उपकरण वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का इस्तेमाल किया गया, जिससे मतदाता को इच्छानुसार मत पड़ने की पुष्टि हो जाती है।"

इस प्रणाली का इस्तेमाल देश में किसी भी चुनाव में पहली बार किया गया।

राज्य में मुख्य मुकाबल सत्तारूढ़ कांग्रेस और तीन पार्टियों के गठबंधन दल 'मिजोरम डेमोक्रेटिक एलायंस' (एमडीए) के बीच है, जिसका नेतृत्व एमएनएफ कर रहा है।

राज्य में शांतिपूर्वक मतदान संपन्न कराने के लिए 7,000 अर्धसैनिक बल, राज्य एवं अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मिजोरम नेशनलिस्ट पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने अलग-अलग चुनाव लड़ा।

पिछले चार कार्यकाल से राज्य के मुख्यमंत्री ललथनहावला, मिजोरम वूमेंस कांग्रेस प्रमुख तलांगथानमवी और पूर्व मुख्यमंत्री एवं एमएनएफ अध्यक्ष जोरामथांगा के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।

मिजोरम विधानसभा चुनाव पहले चार दिसंबर और मतगणना आठ दिसंबर को कराए जाने की योजना थी। लेकिन स्थानीय राजनीतिक पार्टियों एवं गिरजाघरों में रविवार को स्थानीय त्योहार का दिन होने का हवाला देने पर भारतीय निर्वाचन आयोग ने इसकी तारीख बदल दी थी।

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 32, एमएनएफ के तीन और एमडीसी के एक, एपीसी और जेडएनपी ने दो-दो सीटें जीती थीं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

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