मिजोरम चुनाव : प्रथम 6 घंटे में 50 फीसदी मतदान

आईजोल: मिजोरम विधानसभा के लिए सोमवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अपराह्न 1.30 बजे तक लगभग 50 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। मिजोरम के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी माविया ने कहा, "मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और 40 विधानसभा क्षेत्रों के लिए महिलाओं एवं पुरुषों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।"

माविया ने कहा कि उन्हें दिन बढ़ने के साथ मतदान में तेजी की उम्मीद है। नए मतदाता मताधिकार को लेकर बेहद उत्साहित हैं।

मिजोरम के एक अन्य निर्वाचन अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "मैं शाम चार बजे प्रक्रिया की समाप्ति पर 80 फीसदी मतदान की उम्मीद कर रहा हूं।"

कुछ जगहों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी आ जाने से मतदान कुछ देर के लिए रुक गया।

राज्य की 40 में से 39 सीटें जनजातीय उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं और एकमात्र सीट सामान्य श्रेणी के लिए है। मतगणना नौ दिसंबर को होगी।

राज्य की 10.91 लाख आबादी में लगभग 6.91 व्यक्ति मतदान के पात्र हैं, जिनमें 3.5 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। ये सभी 142 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

142 उम्मीदवारों में छह महिलाएं हैं। चुनाव के लिए राज्य में 1,126 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

नवनिर्मित उपकरण वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है।

राज्य में मुख्य मुकाबल सत्तारूढ़ कांग्रेस और तीन पार्टियों के गठबंधन, मिजोरम डेमोक्रेटिक एलायंस (एमडीए) के बीच है, जिसका नेतृत्व एमएनएफ कर रहा है।

राज्य में उग्रवादियों की किसी तरह की धमकी नहीं मिली है, लेकिन चुनाव के लिए 7,000 अर्धसैनिक बल, राज्य एवं अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

गिरिजाघर द्वारा नियंत्रित मिजोरम पीपुल्स फोरम (एमपीएफ) की निगरानी में ईसाई एवं जनजातीय बहुल मिजोरम में चुनाव प्रचार शांतिपूर्ण रहा।

मिजोरम के पुलिस प्रमुख अमूल्य पटनायक ने कहा कि प्रचार के दौरान एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जोरम नेशनलिस्ट पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अलग-अलग चुनाव लड़ रही है।

सोमवार का चुनाव मुख्यमंत्री लल थनहावला, उनके मंत्रिमंडल के 11 सदस्यों, मिजोरम वूमेंस कांग्रेस प्रमुख तलांगथानमवी और पूर्व मुख्यमंत्री एवं एमएनएफ अध्यक्ष जोरामथांगा के भाग्य का फैसला करेगा।

मिजोरम विधानसभा चुनाव पहले चार दिसंबर और मतगणना आठ दिसंबर को कराए जाने की योजना थी। लेकिन स्थानीय राजनीतिक पार्टियों एवं गिरिजाघर के रविवार को स्थानी त्योहार का दिन होने का हवाला देने पर भारतीय निर्वाचन आयोग ने इसकी तारीख बदल दी।

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 32, एमएनएफ के तीन और एमडीसी के एक, एपीसी और जेडएनपी ने दो-दो सीटें जीती थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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