मुंबई में कितने लोगों के पास है एक से ज्‍यादा कार? बॉम्बे HC ने सरकार से मांगा जवाब

मुंबई: मुंबई में ट्रैफिक एक बड़ी समस्या है, थोड़ी दुरी तय करने में भी कभी-कभी आधे घंटे से भी ज्यादा का वक्त लग जाता है. जानकार इसकी वजह शहर में जरूरत से ज्‍यादा गाड़ियों का होना मानते हैं. ऐसी ही एक जनहित याचिका की सुनवाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वो बताए शहर में कितने लोग हैं जिनके नाम पर एक से अधिक कार है?

एक जानकरी के मुताबिक, पिछले पांच साल में 56 फीसदी गाड़ियां बढ़ी हैं, नतीजा सड़कों पर गाड़ियां दौड़ती काम रेंगती ज्यादा हैं. इतना ही नहीं पैदल चलना भी मुश्किल हो चुका  है. तो क्यों ना अब प्रति व्यक्ति एक ही कार रखने का नियम लागू होना चाहिए?

ऐसी ही मांगों को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वो बताए कि मुंबई शहर में ऐसे कितने लोग हैं जिनके नाम पर एक से अधिक कार है?  

याचिकाकर्ता भगवानजी रियानी ने कहा कि शहर में वाहनों की संख्या 32 लाख से भी ऊपर हो चुकी है. ऐसे में बहुत जरूरी हो गया है कि अब गाड़ी खरीदने पर भी राशनिंग हो. पार्किंग चार्ज और जुर्माना बढ़ाया जाए साथ ही जिसके पास पार्किंग हो उसी को कार खरीदने की इजाजत हो.

राज्य के पूर्व डीजीपी और मुंबई यातायात पर किताब लिख चुके डॉ. पीएस पसरीचा भी मानते हैं कि शहर में ट्रैफिक की समस्या गंभीर है लेकिन इसके लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी सुधारने की जरूरत है.

जानकार बताते हैं कि दूसरे कई देशों में गाड़ी खरीदने के लिए पार्किंग होना जरूरी है और वहां जुर्माना भी अधिक है. मुंबई में भी अब समय आ गया है कि इस तरह का नियम लागू किया जाए, हालांकि ये इतना आसान भी नहीं है क्यूंकि मुद्दा बाजार और व्यापार से भी जुड़ा है बहराहल बॉम्बे हाईकोर्ट के रुख से एक उम्मीद जगी है.

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