मुंबई भगदड़: जिस दिन हादसा हुआ, उसी दिन आया था नए पुल का टेंडर

एलफिंस्‍टन रोड स्‍टेशन पर एक नए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के निर्माण का टेंडर उसी दिन जारी किया गया, जिस दिन वहां पर भगदड़ मची। आधिकारिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, 45 साल पुराने ब्रिज की जगह नया ब्रिज बनाने के लिए पूर्व रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने 23 अप्रैल, 2015 को प्रस्‍ताव मंजूर किया था। मुंबई भगदड़ में जान गंवाने वालों की संख्‍या 23 तक पहुंच चुकी है। पश्चिमी रेलवे के वित्‍त विभाग द्वारा विस्‍तृत लागत इस साल 22 अगस्‍त को तय की गई, टेंडर 29 सितंबर को ऑनलाइन अपलोड किया गया, जिस दिन भगदड़ मची। रेलवे अधिकारियों को कहना है कि यह सिर्फ संयोग है कि भगदड़ के दिन ही टेंडर जारी किया गया। पश्चिमी रेलवे के मुख्‍य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, ”एक टेंडर के बनने, इसके व्‍यापारिक पहलुओं और फिर इसे ऑनलाइन करना, एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यह सिर्फ संयोग है कि टेंडर उसी दिन जारी हुआ जिस दिन घटना हुई। यह उतना ही दुर्भाग्‍यपूर्ण है। हमारा टेंडर सभी इजाजतों के साथ 22 सितंबर को ही तैयार था।”

पश्चिमी रेलवे के जनरल मैनेजर एके गुप्‍ता ने कहा, ”प्राधिकारी संस्‍था को 22 सितंबर को ही टेंडर जारी कर देना चाहिए था। कार्य में न सिर्फ एफओबी का निर्माण होना है, बल्कि प्‍लेटफॉर्म का विस्‍तार और कुछ तकनीदी कदलाव भी किये जाने हैं। टेंडर अपलोडिंग में कुछ दिन की देरी हुई मगर टेंर का नोटिस शुक्रवार (29 सितंबर) के तीसरे पहर में अपलोड कर दिया गया था।”

हालांकि पश्चिमी रेलवे के ही एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने पहचान गुप्‍त रखने की शर्त पर बताया, ”छोटी रकम के प्रोजेक्‍ट अक्‍सर दरकिनार कर दिये जाते हैं। फंड्स बड़े प्रोजेक्‍ट की ओर डायवर्ट किये जाते हैं क्‍योंकि वह जनता को दिखते हैं। टेंडर में इस वजह से भी देरी हुई हो सकती है।”

नए ब्रिज के 12 मीटर चौड़े होने की उम्‍मीद जताई जा रही है, जोकि वर्तमान के 5 मीटर चौड़ाई वाले पुल के दोगुने से भी ज्‍यादा है। यात्रियों ने लगातार वर्तमान पुल पर सुबह और शाम में भारी भीड़ होने की शिकायत की है। वर्तमान पुल 1972 में बना था और रोज इसे करीब 1 लाख यात्री इस्‍तेमाल करते हैं।

 

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