महाराष्‍ट्र: बीजेपी से अलग होगी शिवसेना? ‘सामना’ के संपादकीय में साफ किया रुख

महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकार से शिवसेना के हटने की अटकलों को खारिज करते हुए शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने आज कहा कि पार्टी ‘‘जनता के हितों की रक्षा के लिए सत्ता में बनी रहेगी।’’ भाजपा के साथ शिवसेना के तल्ख रिश्तों में तब और तनाव आ गया था जब उसके सांसद संजय राउत ने हाल में कहा कि उनकी पार्टी जल्द ही फैसला करेगी कि उसे महाराष्ट्र में फडणवीस नीत गठबंधन सरकार में रहना है या नहीं। बहरहाल, पार्टी मुखपत्र ‘सामना’ में आज के संपादकीय में कहा गया है कि ‘‘जब विधानसभा चुनाव दो साल बाद होने जा रहे हैं तो पार्टी गठबंधन नहीं तोड़ेगी और जनता के हितों की रक्षा के लिए सत्ता में बनी रहेगी।’’

फडणवीस सरकार में 39 सदस्यीय मंत्रिमंडल में शिवसेना के 12 मंत्री हैं। इनमें पांच कैबिनेट स्तर के हैं। केन्द्र में राजग सरकार में शिवसेना का एक मंत्री है। शिवसेना के मुखपत्र ने एल्फिंस्टन रोड ओवरब्रिज हादसे पर मोदी सरकार पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि उसकी बेरूखी के चलते ही कल यह हादसा हुआ। शिवसेना ने बुलेट ट्रेन परियोजना की भी तीखी आलोचना की और कहा, ‘‘जब आप लोकल ट्रेन के यात्रियों को बुनियादी ढांचा प्रदान नहीं कर सकते तो बुलेट ट्रेन का क्या उपयोग।’’

उल्लेखनीय है कि शिवसेना ने कुछ दिनों पहले गठबंधन में प्रमुख सहयोगी भाजपा के प्रति अपना रुख कड़ा करते हुए उसने साफ तौर पर कह दिया था कि महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार में बने रहना है या नहीं इस पर वह जल्द फैसला करेगी। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वरिष्ठ पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई थी। इसमें पार्टी के सांसद संजय राउत ने भगवा सहयोगी की ‘नाकामियों’ को लेकर उस पर हमला बोला, जो इस बात का संकेत था कि लंबे समय से सहयोगी रहे दोनों दलों के संबंधों में तनाव और बढ़ गया है।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों में और भाजपा नीत सरकार (केंद्र की) के खिलाफ पूरे देशभर में बहुत अधिक ‘आक्रोश’ है। राउत ने कहा था, हम फैसला लेने के बहुत करीब पहुंच गए हैं, जरा इंतजार कीजिए। बैठक के बाद तल्ख तेवर में राउत ने कहा था, सरकार की नाकामी की वजह से लोगों को कई मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। शिवसेना इस सब का हिस्सा नहीं बनना चाहती।

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