मुंबई भगदड़: पीयूष गोयल ने बदली 150 साल पुरानी परंपरा

मुंबई के परेल-एलफिंस्टन स्टेशन के पास बने पुल पर मची भगदड़ के बाद रेल मंत्रालय हरकत में आया है। आनन-फानन में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने वरिष्‍ठ अधिकारियों की बैठक चर्चगेट स्थित पश्चिमी रेलवे मुख्‍यालय में बुलाई। बैठक के बाद पीयूष गोयल ने कहा कि ‘रेलवे 150 साल पुरानी परंपरा को सिर के बल उलटने जा रहा है। अब से फुटओवर ब्रिज को अनिवार्य किया जाएगा, यात्री सुविधा की वस्‍तु नहीं समझा जाएगा।’ गोयल ने कहा कि ”ब्‍यूरोक्रेसी या अन्‍य किसी वजह से होने वाली देरी को खत्‍म करने के लिए मैंने जनरल मैनेजर्स को सुरक्षा के लिए कितना भी खर्च करने की शक्ति दी है।” गोयल ने अब वही कदम उठाने की बात कही है जिसके बारे में सोशल मीडिया पर लंबे समय से मांग उठ रही है। गोयल ने कहा, ”मुंबई के उपनगरीय स्‍टेशनों व सभी उच्‍च-ट्रैफिक वाले स्‍टेशनों पर अतिरिक्‍त एस्‍केलेटर्स की व्‍यवस्‍था की गई है।”

मुंबई में परेल-एल्फिंस्टन स्टेशनों को जोड़ने वाले एक संकरे रेलवे फुटओवर ब्रिज पर मची भगदड़ में 23 यात्रियों की मौत हो गई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) आपदा नियंत्रण ने कहा कि इस घटना में कम से कम 32 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से छह की हालत गंभीर है और मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों में 18 पुरुष व चार महिलाएं शामिल हैं। जबकि 23 पुरुष व नौ महिलाएं घायल हैं, जिनका इलाज जारी है। घायलों को परेल के कीईएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड एक अधिकारी ने दुर्घटना की जांच की घोषणा की है। घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट की अफवाह के बाद यह भगदड़ हुई। अधिकारियों ने हालांकि अचानक बारिश होने से पुल पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ को जिम्मेदार ठहराया है। बारिश से बचने के लिए अधिक संख्या में लोग पुल पर इकट्ठा हो गए थे।

घटना के बाद बचाव दल के मौके पर पहुंचने से पहले स्थानीय कैब चालकों और दुकानदारों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा और घायलों को मुफ्त इलाज देने की घोषणा की है। महाराष्ट्र के शिक्षामंत्री विनोद तावड़े ने कहा, “हमने इस त्रासदी की जांच के आदेश दिए हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताई है।

यह त्रासदी रेल मंत्री पीयूष गोयल के शुक्रवार को मुंबई पहुंचने से ठीक पहले हुई। गोयल यहां पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे और हार्बर रेल लाइन के लिए कई नई उपनगर रेल सेवाओं की शुरुआत करने वाले थे। इस दुर्घटना के बाद गोयल ने उद्घाटन कार्यक्रम रद्द कर दिए। वहीं, शिवसेना ने इस घटना पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया में गोयल से इस्तीफे की मांग की है और साथ ही सभी पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा और मुंबई के यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपायों को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा है।

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