अंतिम सांस लेते पिता के समक्ष बेटे की शादी संपन्न

 

पुणे:  पुणे के एक शख्स की शादी यहां एक अस्पताल के आईसीयू में संपन्न हुई, जहां उनके पिता वेंटिलेटर पर अंतिम सांसें गिन रहे थे।

दूल्हा द्यानेश एन.देव (34) ने कहा कि आईसीयू शायद ही इस तरह के समारोह का साक्षी बना हो, लेकिन असामान्य परिस्थितियों के कारण असामान्य फैसले लेने पड़ते हैं।

पेशे से व्यापारी देव ने बुधवार को आईएएनएस से कहा, "मेरे पिता की हार्दिक इच्छा थी कि सतारा में 18 दिसंबर को मेरी शादी सुवर्णा कालंगे के साथ हो, और वह उसमें शामिल हों। लेकिन कुछ दिन पहले उन्हें भयानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।"

दिल के रोगी नंदकुमार देव (67) की दीनानाथ मंगेशकर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी हुई और फेफड़े में अचानक संक्रमण से पहले तक उनकी सेहत में सुधार हो रहा था।

देव ने कहा कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, हटाया गया और फिर वेंटिलेटर पर रखा गया, क्योंकि उनकी सेहत कभी अच्छी तो कभी बिगड़ जा रही थी।

शादी की निर्धारित तारीख से मात्र दो दिन पहले अस्पताल ने नंदकुमार के बचने की आशा छोड़ दी।

भावुक देव ने कहा, "दोनों परिवारों के सदस्यों मेरी मां रजनी तथा बड़ी बहन मुक्ता, मेरी मंगेतर के माता-पिता तथा उसकी बहन ने मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की और मेरे पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने का फैसला किया।"

उन्होंने आईसीयू में मर रहे मरीज के समक्ष शादी करने की अस्पताल में अनुमति ली।

अस्पताल के चिकित्सा निदेशक धनंजय केलकर तथा समीर जोग एवं वधू के रिश्तेदार व नेत्र सर्जन राजेश पवार ने 17 दिसंबर को दोपहर में आईसीयू में शादी की मंजूरी जता दी।

उन्होंने दोनों परिवारों के सदस्यों को शादी में शामिल होने की अनुमति दे दी। इस दौरान कुछ चिकित्सक व नर्सो ने मरीज की हालत पर नजर रखी।

वर तथा वधु ने जल्दी-जल्दी एक दूसरे के गले में वरमाला डाली और संकल्प लिया।

एमबीए की पढ़ाई कर चुके वर तथा वधू ने नंदकुमार देव के पैर छुए, जो वेंटिलेटर के पीछे से शादी समारोह देख रहे थे। उन्होंने वर तथा वधू को आशीर्वाद दिया।

बाद में अस्पताल के कैंटीन में दोनों परिवारों ने शादी की खुशी में चाय व बिस्कुट खाया और फिर घर चले गए।

इसके 12 घंटे बाद 18 दिसंबर को तड़के नंदकुमार ने शांतिपूर्वक दुनिया से विदा ले ली, जिस दिन उनके बेटे की शादी की तारीख तय की गई थी।

देव ने आईएएनएस से कहा, "हमारे यहां छह सप्ताह का शोक है, इसलिए इसके बाद ही औपचारिक तौर पर शादी का फैसला किया जाएगा।"

उन्होंने कहा कि उनके पिता की अंतिम इच्छा को साकार करने को लेकर वर तथा वधू दोनों के परिवार अस्पताल के अधिकारियों के प्रति बेहद अभारी हैं।

  • Agency: IANS
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