स्थानीय कार्य की प्रशंसा के लिए खींची सेल्फी : पंकजा

नई दिल्ली: भयंकर सूखे से जूझ रहे लातूर में सेल्फी लेकर विवादों में फंसी महाराष्ट्र की जल संरक्षण मंत्री पंकजा मुंडे ने सोमवार को सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा करना था। पंकजा ने फेसबुक पर लिखा, "लातूर दौरे के दौरान मैंने सूखा राहत के उपायों को लेकर कई समीक्षा बैठकें कीं।"

उन्होंने कहा, "पानी की तलाश में हमने गहराई तक जमीन खोदी, लेकिन सफलता नहीं मिली। रविवार को साई बंधारा के दौरे में मंजारा नदी के एक गड्ढे में पानी देखकर मुझे सचमुच में प्रसन्नता हुई। इसलिए पानी से भरे उस गड्ढे की मैंने तस्वीरें खींच ली (आम तौर से मैं ऐसा नहीं करती)। सूखे से परेशान जगह पर पानी देखकर मुझे बेहद प्रसन्नता हुई। यह उसी तरह था, जैसे रेगिस्तान में नखलिस्तान।"

पंकजा मुंडे ने कहा, "यह किसी कार्यक्रम की तस्वीर नहीं थी। मैंने वे तस्वीरें 45 डिग्री सेल्सियस की झुलसाने वाली गर्मी में खींची। वहां कोई रोमांच नहीं था, बल्कि उम्मीद की कुछ किरणें थीं। सभी के सामने सच्चाई सामने लाने के लिए मुझे यह सफाई देनी पड़ रही है।"

पंकजा ने कहा, "समझ नहीं पा रही हूं कि किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए खबरों को तोड़ मरोड़कर पेश करने से भला किसका फायदा होगा? क्या पहले से ही भयानक सूखे की मार झेल रहे हमारे किसानों को इससे फायदा होगा?"

इससे पहले, कांग्रेस ने लातूर दौरे के दौरान मुंडे द्वारा सेल्फी लेने की कड़ी निंदा की।

कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने यहां आईएएनएस से कहा, "सेल्फी टूरिज्म महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र की समस्या का समाधान नहीं है।"

उन्होंने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और महराष्ट्र सरकार की इस मानसिकता को दर्शाता है कि वह मराठवाड़ा की सभी समस्याओं का समाधान सेल्फी/आपदा/सूखा पर्यटन के रूप में देखती है।"

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर हमला करते हुए चतुर्वेदी ने कहा, "मुंडे का यह काम सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है कि वह लोगों के लिए काम कम और दिखावा ज्यादा करना चाहती है। अपने कैबिनेट मंत्री के सेल्फी व आपदा (सूखा) पर्यटन पर मुख्यमंत्री ने एक शब्द भी नहीं बयां किया।"

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि फडणवीस का अपने मंत्रियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री के पास ऐसे मंत्रियों की जवाबदेही को लेकर सवाल करने का कोई अधिकार ही नहीं है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "इससे पहले, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से ने आपदा पर्यटन के लिए अपने लिए हेलिपैड बनवाने में हजारों लीटर पानी बर्बाद कराया।"

मराठवाड़ा क्षेत्र इस साल भयंकर सूखे के दौर से गुजर रहा है। केंद्र सरकार ने लातूर जिले को पानी मुहैया कराने के लिए विशेष मालगाड़ियों की व्यवस्था की है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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