मुश्किलों का सामना पहले भी कर चुके हैं : चांडी

तिरूवनंतपुरम: जहां अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि केरल के मुख्यमंत्री इस समय अपने चार दशक के सर्वाधिक खराब दौर से गुजर रहे हैं, वहीं ओमन चांडी का कहना है कि वह ऐसे बुरे दौर का सामना पहले भी कर चुके हैं।

पिछले एक महीने से माकपा ने चांडी के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य में आंदोलन छेड़ रखा है। उन पर चर्चित 'सोलर घोटाला' में शामिल युगल से कथित संबंध होने का आरोप लगाया जा रहा है।

चांडी ने आईएएनएस से कहा, "इसकी तुलना 1980 के दशक के मध्य में 1982 से 87 तक मेरे मंत्री रहने के दौरान पैदा विवाद से नहीं की जा सकती। ई.के. नयनार और एम.वी.राघवन के नेतृत्व में माकपा ने जंगली लकड़ी बेचने का मुझ पर झूठा आरोप लगाया था।"

"जांच में साबित हो गया कि मैंने कोई गलत काम नहीं किया था। उच्च न्यायालय के एक तत्कालीन न्यायाधीश ने मामले की जांच की। उनकी रिपोर्ट में मेरा नाम तक नहीं था। यहां तक कि कभी भी मुझे गवाही के लिए भी नहीं बुलाया गया।"

चांडी पुथुपल्ली विधानसभा क्षेत्र से 1970 से लगातार विधायक हैं। वह कई बार मंत्री और विपक्ष के नेता रह चुके हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर यह उनका दूसरा कार्यकाल है।

चांडी ने कहा कि वर्तमान गतिरोध केवल राजनीतिक है। उनका दामन साफ है। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, समय इसे सिद्ध करेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

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