केरल में शराब दुकानों पर रोक पर स्पष्टीकरण के लिए याचिका

केरल के बीयर और शराब की दुकानों के मालिकों ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया। इन दुकानों के मालिकों ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि अदालत का 15 दिसंबर का आदेश, जिसमें राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गो के दोनों तरफ 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश है, उन पर लागू नहीं होता है क्योंकि वे अलग-अलग श्रेणियों में आते हैं।

बीयर व शराब दुकानों के मालिकों के वकील द्वारा मामले का उल्लेख करने पर अवकाश बेंच के न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने कहा कि केरल के बीयर व शराब दुकानों के मालिकों की स्पष्टीकरण याचिका पर सुनाई जुलाई में की जाएगी।

शराब की दुकानों के 76 मालिकों ने सर्वोच्च अदालत का रुख किया है। इनकी दलील है कि उनके द्वारा बेचे जा रहे पेय पदार्थ में छह से 12 फीसदी ही अल्कोहल है।

उन्होंने दलील दी है कि सर्वोच्च न्यायालय का 15 दिसंबर का आदेश उन शराब की दुकानों पर लागू होता है जो 45.5 फीसदी अल्कोहल वाली शराब बेच रही हैं।

याचिका में कहा गया है कि उनका लाइसेंस 31 मार्च को नवीनीकृत किया गया और एक साल के लिए वैध है, लेकिन अब राज्य सरकार दुकानें बंद करने के लिए कह रही है, क्योंकि दुकानें प्रतिबंधित दायरे में स्थित हैं।

शीर्ष अदालत ने 15 दिसंबर, 2016 के अपने आदेश में राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गो के दोनों तरफ 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों को प्रतिबंधित किया है, जबकि 31 मार्च के आदेश में राजमार्गो के दोनों तरफ होटलों व रेस्तरां को भी इसके तहत लाया गया।

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