हम भाकपा से बातचीत के लिए तैयार : केरल माकपा

 

कन्नूर: केरल में सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर घटक दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेताओं द्वारा नाराजगी जाहिर करने के दो दिन बाद मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक वरिष्ठ नेता ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी भाकपा से बातचीत के लिए तैयार है। राज्य में माकपा के नेतृत्व वाली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की सरकार में भाकपा दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है।

माकपा सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन ने यहां पत्रकारों से कहा, "भाकपा के साथ बातचीत को लेकर हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम बस ये चाहते हैं कि वे एलडीएफ की बैठक के दौरान अपनी बात रखें, क्योंकि सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर करने से हमारी विपक्षी पार्टियों को राजनीतिक लाभ लेने का मौका मिल जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए।"

भाकपा नेताओं ने गुरुवार को पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के दौरान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर असंतुष्टि व्यक्त की थी। भाकपा के राज्य सचिव कनम राजेंद्रन ने भी पार्टी की बैठक के बाद पत्रकारों से अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

बालाकृष्णन ने कहा, "जब सरकार गठित हुई, उस समय भाकपा के पास सरकार चलाने का अनुभव अधिक था, क्योंकि वे कांग्रेस और वाम मोर्चा दोनों के साथ गठबंधन सरकार में रहे।"

उन्होंने कहा कि माकपा नेतृत्व को लगा था कि माकपा एलडीएफ को मजबूत करना चाहती थी..

उन्होंने कहा, "सार्वजनिक तौर पर अपनी असंतुष्टि जाहिर करने से कोई हल नहीं निकलने वाला। हमें याद रखना चाहिए कि 1980 में तत्कालीन वाम सरकार में घटक दल रहते हुए भाकपा ने एक मामले में कांग्रेस के सुर में सुर मिलाया था। उसके अगले विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चा की सरकार हार गई, जबकि उठाया गया मुद्दा झूठा साबित हुआ था।"