केरल : शराब बिक्री पर रोक को लेकर सर्वदलीय बैठक पर विचार

 

तिरुवनंतपुरम:  केरल सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के राजमार्गो के 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर रोक लगाने संबंधी निर्णय पर कानूनी राय लेने और सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने 1 अप्रैल से राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गो के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया हुआ है।

राज्य के आबकारी मंत्री जी. सुधाकरण ने पत्रकारों से कहा, "हमने महाधिवक्ता से इस संबंध में कानूनी सहायता ली है कि क्या इस मामले में कोई अपील की जा सकती है।"

उन्होंने कहा कि सरकार ताड़ी की दुकानों पर शराब बेचने की संभावना भी तलाश रही है।

शीर्ष अदालत के दिसम्बर 2016 के निर्णय पर 1 अप्रैल से अमल शुरू होने के बाद राज्य सरकार के स्वामित्व वाली 850 में से 207 शराब की दुकानों को बंद करना पड़ा है।

इसके साथ ही अदालत के निर्णय के कारण 31 मार्च से राज्य के 1,749 अन्य स्थानों, जिनमें पांच-सितारा होटल, बीयर, वाइन और ताड़ी की दुकानें शामिल हैं, पर शराब बेचने पर रोक लगा दी गई है।

केरल विधानसभा का सत्र 17 अप्रैल से शुरू हो रहा है। राज्य की वाम मोर्चा सरकार इस मामले में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर असर को देखते हुए राजनीतिक सर्वसम्मति का प्रयास कर रही है।

जो शराब की दुकानें अभी खुली हैं, उन पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग नई जगहों पर इन दुकानों को खोलने या स्थानांतरित करने की कोशिशों का विरोध कर रहे हैं।

केरल सरकार 12 अप्रैल के बाद राज्य में नई आबाकारी नीति लागू करने जा रही है।

राज्य के पर्यटन मंत्री कदकम्पल्ली सुरेंद्रन ने सोमवार को मीडिया से कहा, "इस निर्णय से तटवर्ती राज्य के पर्यटन क्षेत्र के साथ-साथ इसमें लगे हजारों लोगों की आजीविका भी प्रभावित होगी। हमें कोई रास्ता तलाशना होगा।"

कई राज्य सरकारों ने न्यायालय के निर्णय को देखते हुए अपने राज्य के राजमार्गों को गैर-अधिसूचित कर उन्हें राजमार्ग के दायरे से ही बाहर कर दिया है। लेकिन, केरल सरकार के लिए यह आसान नहीं होगा। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कहा है कि वह शीर्ष अदालत के आदेश का महत्व घटाने वाले किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करेगी।

सोमवार को शराब की दुकानों के बाहर लंबी लाइनों को देखा गया। अधिकारियों ने इन दुकानों को एक घंटा अतिरिक्त खोलने का फैसला लिया। बिक्री काउंटरों की संख्या भी बढ़ा दी गई।