विजयन की चेतावनी पर आईएएस अफसरों ने सामूहिक अवकाश को रद्द किया

तिरुवनंतपुरम:  केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों को अपनी सीमा रेखा नहीं पार करने की चेतावनी दिए जाने के बाद केरल के इन अधिकारियों ने सोमवार को सामूहिक छुट्टी पर जाकर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला रद्द कर दिया। अधिकारी सामूहिक अवकाश पर जाकर सतर्कता प्रमुख जैकब थामस के 'प्रतिशोधी रवैये' के खिलाफ विरोध जताना चाहते थे।

शीर्ष आठ आईएएस अधिकारियों के एक प्रतिनिधि मंडल से मिलने के बाद विजयन ने मीडिया से कहा कि सरकार ने विरोध को गंभीरता से लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "इस तरह की बात केरल में पहली बार हो रही है और जिस तरह से वे छुट्टी की बात कर रहे हैं उसे एक 'हड़ताल' कहा जा सकता है। हम इसे बहुत गंभीरता से देख रहे हैं।"

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी संघ ने सामूहिक छुट्टी का फैसला शनिवार को लिया। यह कदम पुलिस महानिदेशक थामस द्वारा वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सर्तकता मामले में संलिप्त बताए जाने के बाद उठाया गया।

जांच पड़ताल के दायरे में आने वाला नया नाम अतिरिक्त प्रमुख सचिव पॉल एंटनी का है। एंटनी को तत्कालीन उद्योग मंत्री ई. पी. जयराजन के भतीजे को एक सरकारी नौकरी में नियुक्ति देने के मामले में तीसरा आरोपी बनाया गया है। इस नियुक्ति से उपजे आक्रोश की वजह से मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

विजयन ने कहा कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ चल रही जांच ने आईएएस अधिकारियों को हड़ताल पर जाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा, "कुछ अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही थी। यह पहले भी हुआ है कि कुछ मामलों में अधिकारियों को निलंबित किया गया है।"

विजयन ने कहा, "मैं उन्हें साफ बता दिया है कि उनके छुट्टी पर जाने का औचित्य 'वैध' नहीं है।"

विजयन ने कहा, "जिन लोगों से सरकार चलाने की अपेक्षा की जाती है, उनका इस तरह से विरोध प्रदर्शन करना अच्छा नहीं है। अधिकारियों ने कहा है कि वे राज्य सरकार के खिलाफ नहीं हैं।"

यह पूछे जाने पर कि क्या आईएएस अधिकारियों ने थामस के खिलाफ शिकायत की है, विजयन ने कहा कि किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है।

  • Agency: IANS