updated 11:09 AM CST, Jan 24, 2017
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केरल में नकदी की कमी बरकरार

तिरुवनंतपुरम:  नोटबंदी के एक महीने बाद भी केरल के बैंकों और एटीएम में नकदी की कमी मंगलवार को भी जारी रही। केंद्र सरकार के इस कदम से राज्य के व्यापार खासकर छोटे व्यापार पर बुरा असर पड़ा है।

कन्नूर जिले में मंगलवार को बैंक अधिकारियों से ग्राहकों की नोंकझोंक हुई, जब बैंक ने अपनी शाखा के बाहर 'नो कैश' का बोर्ड लगा दिया।

बैंकों के बाहर मंगलवार को सुबह से ही लंबी लाइनें देखी गई, क्योंकि बैंक तीन दिन बंद रहने के बाद खुले थे।

मल्लपुरम जिले में एक बैंक के बाहर इंतजार कर रही महिला ने बताया, "जिन्होंने नोट बंद कराया है, उनको तो कोई तकलीफ हो नहीं रही। लेकिन हम जैसे आम लोग परेशान हैं। मैं यहां रात के दो बजे से ही लाइन में खड़ी हूं।"

मल्लपुरम जिले में कई बैंकों के करेंसी चेस्ट हैं, जिन्हें हर सप्ताह 200 करोड़ रुपये की जरुरत होती है। लेकिन पिछले हफ्ते उन्हें केवल 80 करोड़ रुपये की आपूर्ति की गई, जिसके कारण यहां लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

केरल के राजस्व मंत्री टी. पी. रामकृष्णन ने कहा कि नवंबर में शराब और बीयर की बिक्री में कमी के कारण इसके पिछले महीने की तुलना में राजस्व में 143 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। वहीं, रियल एस्टेट क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

कोट्टम में एक दस्तावेज बनानेवाले ने कहा, "8 नवंबर के बाद से ही मेरा कारोबार ठप्प है। यहां तक कि स्टैंप पेपर पाना भी दुस्वप्न बन गया है।"

तिरुवनंतपुरम में एक स्क्रैप डीलर ने शोक प्रकट करते हुए कहा, "पिछले तीन हफ्ते में मैंने जो सप्लाई की है, उसका मुझे भुगतान नहीं मिला है। मेरा काम भी ठप्प पड़ा है।"

70 वर्षीय मजदूर सुकुमरण ने बताया, "मेरा बेटा इलेक्ट्रिशियन है और उसे पिछले दो हफ्तों से कोई काम नहीं मिला है। हमें अपने दैनिक जरूरत के लिए नकदी की आवश्यकता है, इसलिए वह भी दिहाड़ी मजदूरी कर रहा है।"

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