पद्मनाभस्वामी मंदिर: सलवार-कमीज में प्रवेश पर रोक,1 लाख करोड़ का खजाना मिलने से सुर्खियों में था मंदिर

केरल हाई कोर्ट ने आज महिलाओं के पद्मनाभस्वामी मंदिर में सलवार कमीज या चूड़ीदार सलवार पहनकर मंदिर में प्रवेश करने पर रोक लगा दी है। फैसले के मुताबिक मंदिर में अब उन महिलाओं को ही जाने की अनुमति होगी जो साड़ी पहनकर आएंगी। मंदिर की परंपरा के अनुसार महिलाओं के लिए मंदिर में प्रवेश करने से पहले मुंडू (धोती) पहनना अनिवार्य होता है। इस परंपरा के चलते महिलाओं को अपने कपड़ो पर अलग से धोती पहनने की जरूरत होती थी। बीते दिनों महिलाओं को इस नियम से छूट दी गई थी।

30 नवंबर 2016 को मंदिर के अधिकारी के. एन. सतीश ने महिलाओं को चूंड़ीदार सलवार पहनकर मंदिर में जाने की अनुमति दी थी। सतीश के इस फैसले का मंदिर के कई अधिकरियों ने विरोध किया था। वहीं आज इस मामले को लेकर कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने अब सिर्फ साड़ी में ही महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमती दी है। साथ ही कोर्ट ने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि मंदिर के रीति-रिवाजों को लेकर मंदिर के मुख्य तंत्री का फैसला ही माना जाएगा।

इसके अलावा फैसले में यह भी कहा गया है कि मंदिर के कार्यकारी अधिकारी के. एन. सतीश को मंदिर से जुड़ी परंपरा में बदलाव करने का कोई हक नहीं। पद्मनाभस्वामी मंदिर देश के कुछ सबसे धनी मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर 2011 में उस समय सुर्खियों में आया था जब इसके तहखाने से लगभग एक लाख करोड़ रुपये की कीमत का खजाना मिला था।

केरल होई कोर्ट ने हाल ही में एक याचिका का निस्तारण करते हुए मंदिर के मुख्य कार्यकारी को निर्देश दिया था कि वह महिला श्रद्धालुओं के ड्रेस कोड का मामला 30 दिनों के भीतर सुलझाएं। याचिका में मांग की गई थी कि सलवार कमीज और चूड़ीदार पहने महिलाओं को भी मंदिर के भीतर जाने की इजाजत दी जाए जिसे अब खारिज कर दिया गया है।

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