केरल के बैंकों, कोषागारों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें

 

 

तिरुवनंतपुरम:  नोटबंदी के बाद पैसे निकालने के लिए राज्य कोषागारों (स्टेट ट्रेजरी) तथा बैंकों के बाहर लोगों की कतारें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। गुरुवार को पूरे केरल में बैंकों व कोषागारों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दीं। नोटबंदी के बाद वेतन व पेंशन का यह पहला महीना आया है। एटीएम से एक दिन में निकलने वाली अधिकतम राशि 2,500 रुपये तय कर दी गई है, जबकि बैंकों से एक सप्ताह में 24,000 रुपये तक की राशि निकाली जा सकती है, जिसके कारण एटीएम के बाहर बैंकों जितनी भीड़ नहीं है।

एहतियातन राज्य भर के बैंकों व एटीएम के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।

राज्य के वित्तमंत्री थॉमस आईजैक ने कहा कि जहां तक राज्य के 10 लाख से अधिक लोगों को वेतन व पेंशन देने की बात है, तो सरकार को कोई समस्या नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या नकदी की कमी है।

आइजैक ने उम्मीद की कि गुरुवार को राज्य के खजाने में 1,000 करोड़ रुपये आ जाएंगे, जबकि बैंकों को भी 1,200 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।

पेंशन निकालने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे एक व्यक्ति ने कहा, "मैं यहां सुबह 8.30 बजे से कतार में हूं और तब से कोषागार कार्यालय खचाखच भरा है। मैंने अपने बैंक खाते से कल (बुधवार) कुछ पैसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन एक टोकन मिलने के बाद मुझे कहा गया कि करेंसी खत्म हो गई है और इसलिए मुझे लौटना पड़ा।"

केरल की वाणिज्यिक राजधानी कोच्चि का भी वही हाल है। वहां भी कोषागार व बैंकों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं।

पैसे निकालने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे एक पेंशनर ने कहा, "हमें कहा गया है कि कोषागार के काम करने का समय बढ़ा दिया गया है और यह शाम छह बजे तक काम करेगा। इसके बावजूद मैं और कई अन्य लोग मोदी के नए दिशानिर्देशों को झेल रहे हैं। मैं इस योजना का पूरी तरह समर्थन करता हूं और उम्मीद करता हूं कि आने वाले दिनों व सप्ताहों में हालात सही होंगे।"

  • Agency: IANS
Poker sites http://gbetting.co.uk/poker with all bonuses.