कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने के आसार

बेलागावी (कर्नाटक): कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रह सकता है, क्योंकि विपक्ष, सत्तारूढ़ कांग्रेस को गन्ना किसानों की मौत और लॉटरी घोटाले को लेकर घेरने की तैयारी में है। विधानसभा सोमवार को शुरू हो रहा है। तीन सप्ताह के सत्र में 29 जून से 10 जुलाई तक की कार्यवाही इस उत्तरी शहर में चलेगी, जबकि 13 से 24 जुलाई के बीच कार्यवाही राजधानी बेंगलुरू में चलेगी।

सत्र की शुरुआत से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) ने किसानों को समर्थन दर्शाते हुए हुबली से अपनी पदयात्रा शुरू की।

सरकार की जन विरोधी, किसान विरोधी नीतियों तथा बेंगलुरू में बढ़ते अपराध और राज्यभर में आधारभूत संरचनाओं से जुड़ी परियोजनाओं में देरी के खिलाफ दो पदयात्राएं सोमवार को बेलागावी पहुंचेंगी, जहां फिर यह पदयात्रा सुवर्ण विधान सौध में बड़े प्रदर्शन का रूप ले लेगी।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार को जहां बजट प्रस्ताव पर बहुमत की जरूत होगी, वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में इस दौरान सभी विधायकों को मौजूद रहने का व्हिप जारी किया है तथा साथ ही विधेयक को पारित करने में विपक्ष की मदद प्राप्त करने का हर संभव प्रयास कर रही है।

कांग्रेस के मुख्य सचेतक अशोक पाटन ने संवाददाताओं से कहा, "हमने सभी 122 सदस्यों को यहां तथा बाद में बेंगलुरू में विधानसभा के पूरे सत्र के दौरान उपस्थित रहने को कहा है।"

विधानसभा अध्यक्ष कागोदु थिम्मप्पा ने संवाददाताओं से कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक सोमवार को होगी, जिसमें सत्र की अवधि और कार्यवाही पर फैसला किया जाएगा, क्योंकि कई सदस्य 28 जुलाई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव प्रचार के सिलसिले में बेंगलुरू में रहना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, "समिति विधायकों के साथ अवधि तथा कार्यवाही को लेकर विचार-विमर्श करेगी और सहमति न बन पाने पर मतदान कराया जाएगा।

मांडया जिला तथा कालाबुर्गी में दो किसानों के 25 जून को आत्महत्या करने के बाद सरकार बचाव के मुद्रा में आ गई है।

इधर, लॉटरी घोटाले पर भी सत्र में हंगामा होने के आसार हैं। इस घोटाले के संबंध में बेंगलुरू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद सरकार ने पूर्वप्रभावी ढंग से मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने के आदेश दिए।

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