एनजीटी ने बेंगलुरू झील के नजदीक स्थित कारखाने बंद कराए

 

नई दिल्ली:  राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को बेंगलुरू के बेलांदुर झील के नजदीक स्थिति सभी कल-कारखाने बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा एनजीटी ने झील के आस-पास कचरा फेंकने वाले उद्यमों पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश भी दिया है।

एनजीटी ने अधिकारियों को झील को प्रदूषण-मुक्त कराने के लिए एक महीने का समय दिया है।

एनजीटी के मुख्य न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले उद्यमों पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ताला लगाए।

बेहद प्रदूषित हो चुकी बेलांदुर झील में ज्वलनशील कचरा बहाए जाने के कारण 17 फरवरी को आग लग गई थी। खबरों के मुताबिक, झील में यह आग तीन घंटे तक लगी रही।

एनजीटी ने कहा, "बेलांदुर झील के आस-पास स्थित सभी कारखानों, चाहे वे शोधन के बाद या बिना-शोधन के अपना कचरा झील में बहाते हैं, को बंद कराए जाने का निर्देश दिया जाता है। जब एक संयुक्त जांच दल द्वारा जांच किए जाने और यह सुनिश्चित होने कि झील में बहाया जा रहा कचरा निर्धारित मानक के अनुरूप है या नहीं किसी भी कारखाने को उत्पादन करने की इजाजत नहीं होगी।"

एनजीटी ने अपने आदेश में आगे कहा है, "अगर कोई इसका उल्लंघन करता पाया गया तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।"

एनजीटी ने साथ ही राज्य सरकार, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झील विकास प्राधिकरण और बेंगलुरू विकास प्राधिकरण को तत्काल झील की साफ-सफाई शुरू करने के लिए कहा है और एक महीने के अंदर संबंधित रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

  • Agency: IANS