updated 4:04 AM CST, Feb 20, 2017
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झारखंड : विकास परिषद की बैठक में नहीं पहुंचे एजेएसयू के अध्यक्ष

 

रांची:  झारखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घटक दल ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (एजेएसयू) के अध्यक्ष सुदेश महतो ने मंगलवार को हुई झारखंड राज्य विकास परिषद की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। सुदेश परिषद के उपाध्यक्ष भी हैं। विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया।

मुख्यमंत्री रघुबर दास की अध्यक्षता में यह बैठक हुई, जिसमें उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

ऐसी खबर है कि महतो राज्य सरकार द्वारा दो भूमि कानूनों में किए गए संशोधनों से नाखुश हैं। राज्य सरकार ने घटक दलों और विपक्षी पार्टियों के विरोध के बावजूद संसद के बीत शीतकलानी सत्र के दौरान छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी) और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (एसपीटी) में संशोधन किए।

इन संशोधनों का विरोध करने वाले नेताओं में महतो भी शामिल रहे। इन संशोधनों के बाद जनजाति बहूल इस राज्य में कृषि भूमि के गैर कृषि उपयोग की अनुमित दे दी गई है।

झारखंड के जल संसाधन मंत्री और एजेएसयू के विधायक चंद्र प्रकाश चौधरी ने कहा, "महतो राज्य से बाहर हैं और संभव है कि उन्हें इस बैठक के बारे में जानकारी न हो।"

हालांकि राज्य सरकार के एक सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस बैठक का निर्धारण बीते वर्ष दिसंबर में ही हो गया था।

झामुमो के विधायक कुणाल सारंगी ने यहां पत्रकारों से कहा, "परिषद के सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष होता है। हमारा कार्यकाल चार जनवरी को खत्म हो रहा है। कार्यकाल के आखिरी पड़ाव पर हम आखिर इस बैठक में हिस्सा क्यों लें? राज्य सरकार राज्य के विकास को लेकर गंभीर नहीं है। पिछले एक वर्ष में परिषद की तीन बैठकें होनी चाहिए थीं।"

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