श्रीनगर में अलगाववादियों के मार्च पर रोक

श्रीनगर:  जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में अलगगाववादियों के गुरुवार को प्रस्तावित मार्च को रोकने के लिए जगह-जगह प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। मार्च का आह्वान मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले धड़े ने उनके पिता मरहूम मीरवाइज मौलवी फारूक तथा एक अन्य वरिष्ठ अलगावदी नेता अब्दुल गनी लोन की याद में किया है। इसके तहत गुरुवार को पुराने श्रीनगर में ईदगाह शहादत कब्रिस्तान तक मार्च करने का प्रस्ताव है।

मीरवाइज मौलवी फारूक की अज्ञात हमलावरों ने 21 मई, 1990 को उनके निगीन स्थित आवास पर हत्या कर दी थी, जबकि अब्दुल गनी लोन की हत्या 21 मई, 2002 को श्रीनगर में मौलवी फारूक की हत्या के विरोध में आयोजित रैली के दौरान कर दी गई थी।

श्रीनगर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "शहर में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए खानयार, रैनावारी, नौहट्टा, एम.आर. गुंज, सफा कदाल तथा मैसुमा पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाए गए हैं।"

मीरवाइज उमर फारूक तथा कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी को श्रीनगर में उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है, ताकि वे रैली में हिस्सा न ले पाएं।

जिन इलाकों में प्रतिबंध लगाए गए हैं, वहां दुकानें, सार्वजनिक परिवहन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा शैक्षणिक संस्थाएं बंद हैं। सड़कों पर यातायात भी बहुत कम दिखा। कुछ निजी वाहन ही सड़कों पर चलते दिखे।

जिन इलाकों में प्रतिबंध लगाए गए हैं, वहां तथा अन्य संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

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