नोटबंदी का असर: जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां 60 प्रतिशत घटीं

नोटबंदी के बाद हवाला कारोबार में 50 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में भी आतंकवादी संबंधित घटनाओं में 60 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, ये आंकड़े केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने दिए हैं। खबर के मुताबिक एजेंसियों ने नोटबंदी के बाद से हवाला कारोबारियों के कॉल ट्रैफिक में भारी कमी दर्ज की है। इस वजह से ऐसा माना जा रहा है। इससे एजेंसियों ने अंदाजा लगाया है कि हवाला का ज्यादातर काम बंद हो चुके 500 और 1000 रुपए के नोटों में होता होगा और उनके बंद होने के बाद वह ‘फ्लॉप’ हो गया। कॉल ट्रेफिक में कमी को देखते हुए 50 प्रतिशत की कमी आने की बात कही गई है।

आतंकवादी गतिविधियों पर भी लगी लगाम: एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान की तरफ से भारत की बड़ी करेंसी के नकली नोट बनाकर आतंकवादियों और भारत में उनकी मदद कर रहे लोगों को दिए जाते थे। लेकिन नोटबंदी के बाद ऐसा होना बंद हो गया। खबर के मुताबिक, इस वजह से ही कश्मीर में पत्थर फेंकने की घटनाएं और आंतकवादी गतिविधियां पहले के मुकाबले काफी कम हो गई हैं। खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में ऐसी घटनाओं में नोटबंदी के बाद 60 प्रतिशत की कमी आई है।

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, नोटबंदी के बाद से वामपंथी उग्रवाद में भी कमी आई। माओवादी कार्यकर्ताओं / समर्थकों से लगभग 90 लाख रुपए जब्त किए जा चुके हैं। नोटबंदी के बाद से कई माओवादियों ने दबाव में आकर सरेंडर भी किया ऐसा एजेंयिसों का मानना है। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट ने आतंकी संगठन पर भी नोटबंदी का प्रभाव पड़ा। वे लोग पैसों की कमी के चलते बॉर्डर पार से बंदूकें और गोला-बारूद नहीं खरीद पा रहे।

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