कश्मीर विधानसभा में अफजल के शव पर हंगामा

जम्मू, 12 मार्च (आईएएनएस)| जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु का शव उसके परिजनों को सौंपे जाने की मांग उठाई गई, जिस पर खूब हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही बाधित हुई। जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग सोमवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने उठाई, जिसका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जम्मू एवं कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (जेकेएनपीपी) ने विरोध किया।

इससे पहले सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपे जाने से इंकार कर चुके हैं। उसे नौ फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी और वहीं उसे दफनाया जा चुका है।

जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को अफजल के शव की पीडीपी की मांग और भाजपा तथा जेकेएनपीपी द्वारा उसके विरोध के कारण हंगामा शुरू हो गया, जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष मुबारक गुल को दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

तीसरी बार सदन की कार्यवाही शुरू होने पर राज्य के कानून मंत्री मीर सैफुल्ला ने अफजल को 'अफजल गुरु साहिब' कहा, जिसके बाद भाजपा और जेकेएनपीपी के सदस्य अपनी सीट से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने एक बार फिर सदन की कार्यवाही अपराह्न् तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

तीसरे स्थगन के बाद अपराह्न् तीन बजे कार्यवाही शुरू होने पर और भी बुरी स्थिति हो गई। विपक्षी दल के सदस्यों ने निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद को सदन से बाहर धकेल दिया। विपक्ष के नाराज सदस्यों ने जेकेएनपीपी नेता हर्षदेव सिंह की बेंच भी तोड़ दी। हंगामे के बीच वन मंत्रालय की अनुदान मांगों को 10 मिनट में पारित किया गया।

जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा विपक्षी दल पीडीपी के संरक्षक व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद, दोनों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग की है।

इंडो-एश्यिन न्यूज सर्विस।

 

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