लियाकत पर नेकां का स्थगन प्रस्ताव नामंजूर

जम्मू, 25 मार्च (आईएएनएस)| जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष मुबारक गुल ने सोमवार को राज्य में सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) की ओर से संदिग्ध आतंकवादी लियाकत अली शाह की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी पर चर्चा के लिए लाया गया स्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। स्थगन प्रस्ताव नेकां के प्रदेश अध्यक्ष नासिर असलम वनी तथा उनकी पार्टी के तीन अन्य सदस्यों की ओर से लाया गया था। वे इस पर चर्चा कराना चाहते थे कि आखिर कश्मीरी लोगों को ही क्यों निशाना बनाया जाता है? उनका यह भी कहना था कि लियाकत आत्मसमर्पण करने जा रहा था, जब दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

विधानसभा अध्यक्ष मुबारक गुल ने हालांकि यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के साथ पहले ही चर्चा कर चुके हैं। ऐसे में स्थगन प्रस्ताव का कोई औचित्य नहीं है।

गौरतलब है कि लियाकत को गिरफ्तार करने वाली दिल्ली पुलिस ने जहां उसे राष्ट्रीय राजधानी में आतंकवादी हमले की साजिश करने वाला हिज्ब-उल-मुजाहिदीन का आतंकवादी बताया है, वहीं जम्मू एवं कश्मीर पुलिस का कहना है कि वह राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत पाकिस्तान से आत्म समर्पण करने आ रहा था।

जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वर्ष 2010 में पुनर्वास नीति की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गए आतंकवादियों को हथियार छोड़ने तथा वापस अपने परिवार में लौटने के लिए प्रोत्साहित करना था। हालांकि यदि उनके खिलाफ कोई मुकदमा लंबित होता है तो इसकी सुनवाई अदालतों में चलती रहेगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

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