खर्च में कटौती कर देनदारी चुकाएगा हिमाचल

शिमला, 17 मार्च (आईएएनएस)| हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष (2012-13) के अंत तक राज्य पर 28,513 करोड़ रुपये की ऋण देनदारी होने की सम्भावना है, और सरकार ने बेकार के खर्चो में कटौती कर इसे चुकाने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आईएएनएस से कहा, "हम राज्य की फिजूलखर्ची में कटौती कर यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। आगामी पांच सालों में राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग पर ध्यान देंगी।"

गुरुवार को विधानसभा में अपने बजट भाषण में सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षो में राज्य की ऋण देनदारी में 7,272 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। मार्च 2008 में ऋण देनदारी 21,241 करोड़ रुपये थी, जबकि इस साल मार्च तक इसके 28,513 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

सिंह ने कहा है कि राज्य पर वेतन भार भी बढ़ा है, जो वर्ष 2007-08 में 2,615 करोड़ रुपये से वर्ष 2013-14 में बढ़कर 6,956 करोड़ रुपये हो गया है।

इसी तरह राज्य पर पेंशन भार भी 880 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,839 करोड़ रुपये हो गया है और ब्याज का बोझा भी 1,778 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,431 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य के वित्तीय दशा को प्रभावित करने के लिए वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन को जिम्मेदार ठहराया है।

सिंह ने कहा, "योजना आयोग ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए 22,800 करोड़ रुपये के योजना परिव्यय को मंजूरी दे दी है, जिसमें 11वीं पंचवर्षीय योजना की तुलना में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।"

हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास में पर्यटन के साथ ही बागवानी और जल विद्युत उत्पादन प्रमुख रूप से योगदान करते हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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