हिमाचल चुनाव : प्रचार में बीजेपी की फुर्ती, कांग्रेस की सुस्ती, आखिर ऐसा क्यों है

शिमला: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 9 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. बीजेपी ने यहां अपने चुनाव प्रचारको काफी आक्रामक रुख दे दिया है. स्टार प्रचारकों की रैली के अलावा अखबार, टीवी सब जगह बीजेपी के विज्ञापन छाए हुए हैं. वहीं राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस की अलग ही कहानी नजर आ रही है. पार्टी के विज्ञापन-पोस्टर तो कम ही नजर आ रहे हैं, साथ ही वॉर रूम में कार्यकर्ताओं की भी कमी है. हर मिनट पर हिमाचल प्रदेश के लोकल टीवी चैनल लोगों से कांग्रेस को बाहर करने की अपील कर रहे हैं. सभी लोकल अखबारों के पहले पेज पर बीजेपी के विज्ञापन हैं और सड़कों पर बड़े-बड़े बैनर. लगता है कि बीजेपी ने ही सारी जगह कब्जा ली है. बीजेपी के 68 चुनाव प्रचार वाहन जिस पर बड़े-बड़े टीवी स्क्रीन लगे हुए हैं, विधानसभा क्षेत्रों में दिन-रात घूम रहे हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, दूर-दराज के गांवों और लोगों तक पहुंचने के लिए नुक्कड़ नाटक भी हो रहे हैं. ये पिछले तकरीबन 3 महीने से चल रहा है. 
दूसरी तरफ कांग्रेस है, जिसका न तो टीवी पर और ना ही अखबारों में ज्यादा विज्ञापन हैं और न ही सड़कों पर ज्यादा पोस्टर. कांग्रेस का वॉर रूम चलाने के लिए भी लोगों का टोटा है. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सहयोगियों का कहना है कि वे हेलीकॉप्टर अफोर्ड नहीं कर सकते, इसलिए 83 साल की उम्र में वीरभद्र को सड़क के रास्ते चुनाव प्रचार करना पड़ रहा है. शनिवार को पीएम मोदी ने भी तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में अपनी हार मान ली है, इसलिए उसके वरिष्ठ नेता राज्य में चुनाव प्रचार से दूर हट गए हैं और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को उनकी तकदीर के हवाले छोड़ दिया गया है. पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया और उसकी तुलना दीमक से की. उन्होंने लोगों से चुनाव में कांग्रेस को मिटा देने का आह्वान किया. वहीं, कांग्रेस के बड़े नेता बीजेपी पर पैसे की ताकत के इस्तेमाल का आरोप लगा रहे हैं.

कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और अपने बेतहाशा संसाधनों के दम पर राज्य में भड़कीला चुनाव प्रचार कर रही है. वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल के बेटे और पार्टी सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह राहुल की सोची-समझी रणनीति है कि पुरानी पीढ़ी के कांग्रेस नेता नाकाम साबित हों...ताकि वह इसकी जगह अपनी टीम को आगे कर सकें.

वजह चाहे जो भी हो, हिमाचल में वीरभद्र पहाड़ के लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता को भुनाने को कोशिश करते हुए बीजेपी के बड़े और महंगे अभियान का जवाब देने का प्रयास कर रहे हैं.

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