हिमाचल : सामूहिक दुष्कर्म, हत्या मामले में शीर्ष अधिकारी का तबादला

हिमाचल प्रदेश में एक स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले की जांच कर रहे शीर्ष पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया गया है। यह तबादला लॉक-अप में मामले से जुड़े आरोपी द्वारा दूसरे आरोपी की हत्या के बाद किया गया। पुलिस महानिरीक्षक जहूर एच. जैदी के साथ दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का बुधवार शाम तबादला कर दिया गया।

अन्य दो में शिमला पुलिस अधीक्षक डी.डब्ल्यू. नेगी शामिल हैं जो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी हैं और उप पुलिस अधीक्षक भजन देव नेगी हैं।

वहीं, राज्य में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने बिगड़ती कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य की राजधानी में एक दिन का विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसकी शुरुआत गुरुवार सुबह से हुई है।

घटना के विरोध में शिमला और जिला के अन्य प्रमुख शहरों की सभी दुकानें और निजी व्यवसाय प्रतिष्ठान बंद रहे।

राज्य की राजधानी में की जगह वाहनों का आवागमन बाधित है।

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जहूर एच. जैदी के स्थान पर अजय कुमार यादव और डी. डब्ल्यू. नेगी की जगह सौम्या सांबशिवन को नियुक्त किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि अधिकारियों को बदलने का यह निर्णय मुख्य सचिव द्वारा मंडी जिले का तीन दिवसीय दौरे को रद्द करने के बाद संदिग्ध की मौत और जिले भर में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के तहत शिमला पहुंचने के बाद लिया गया।

पुलिस के एक अधिकारी ने यहां आईएएनएस से कहा कि मुख्य आरोपी राजिंदर सिंह ने कथित तौर पर मुख्य आरोपी सूरज सिंह (29) का सिर जमीन पर पटक-पटक कर उसे मार डाला।

उन्होंने कहा कि राजिंदर सिंह ने सूरज की हत्या क्यों की, इसका पता नहीं चल पाया है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा, "माना जा रहा है कि झड़प का कारण सूरज द्वारा पुलिस के समक्ष किया गया खुलासा है, जिसने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म तथा उसकी हत्या का पूरा आरोप राजिंदर के मत्थे मढ़ दिया।"

16 साल की पीड़िता के लिए इंसाफ की मांग कर रहे लोगों को जैसे ही इस घटना की जानकारी हुई, भारी तादाद में लोग वहां इकट्ठा हो गए और जबरदस्ती पुलिस थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।

छह जुलाई को पीड़िता का शव शिमला जिले के कोटखाई कस्बे के जंगलों में मिला था।

भीड़ ने कोटखाई पुलिस थाने में तोड़फोड़ की और झड़प में गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल ले जाने नहीं दिया। साथ ही पुलिस के तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में तीन चक्र गोलियां भी चलाईं।

स्कूली छात्रा की हत्या के बाद से ही शिमला में व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं।

पिछले सप्ताह राज्य सरकार मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन सीबीआई ने फिलहाल इस मामले को नहीं लिया है।

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