मसूरी: बीजेपी युवा मोर्चा, हिंदू जागरण मंच ने बंद कराई कश्मीरी की दुकान, फेसबुक पर पाकिस्तानी सेना के तारीफ वाला वीडियो शेयर करने का आरोप

हिमाचल प्रदेश के मसूरी में एक कश्मीरी वस्त्र विक्रेता की दुकान बुधवार (19 जुलाई) को जरबदस्ती बंद करवा दी गई। दुकान बंद कराने वाला बीजेपी युवा मोर्चा और हिन्दू जागरण मंच के सदस्यों का आरोप है कि दुकानदार मंजूर अहमद ने अपने फेसबुक पेज पर पाकिस्तानी सेना की तारीफ वाली पोस्ट डाली थी। 59 वर्षीय मंजूर अहमद कश्मीर के बडगाम जिले के हमहमा का रहने वाला है। मंसूर अहमद मसूरी के पांच सबसे पुराने कश्मीरी दुकानदार परिवारों में एक है। मंजूर अहमद 1971 से मसूर में कपड़े बेच रहा है।

बीजेपी युवा मोर्चा और हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंसूर अहमद ने अपने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था जिसमें पाकिस्तानी सेना की तारीफ की गई थी। बीजेपी युवा मोर्चा के मसूरी इकाई के अध्यक्ष धर्मपाल सिंह पंवर ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “उसकी दुकान बंद करवाने के बाद हम और स्थानीय व्यापारी संगठन (मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन) पुलिस थाने गए और उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी।”

मसूरी पुलिस थाने के एसएचओ राजीव रौथान ने बताया कि मंसूर अहमद ने भी थाने में अपना फेसबुक अकाउंट हैक होने की एफआईआर दर्ज करायी है। एसएचओ राजीव रौथान के मुताबिक कथित “राष्ट्रविरोधी” पोस्ट अब मंसूर अहमद के फेसबुक वाल पर नहीं दिख रही है। मसूरी पुलिस ने मंसूर अहमद का फोन जब्त करके साइबर सेल में जांच के लिए भेजा है ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि उसका फेसबुक अकाउंट हैक हुआ था या नहीं।

18 जून को चैंपियंस क्रिकेट ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान के हाथों भारत को मिली हार के बाद मसूरी से कश्मीरी दुकानदारों को हटाने की कुछ लोग मुहिम चला रहे हैं। इन लोगों का आरोप है कि मसूरी के मॉल रोड पर तीन मुस्लिम लड़कों ने मैच के बाद “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाए थे। जिन लड़कों पर नारा लगाने का आरोप है उनमें से कोई भी कश्मीरी नहीं था लेकिन बीजेपी युवा मोर्चा के नेताओं का आरोप है कि उन लड़कों और दूसरे मुसलमानों को कश्मीरी दुकानदारों ने “उकसाया” था।

20 जून को स्थानीय व्यापारी संगठन ने कश्मीरी दुकानदारों से 28 फरवरी 2018 तक शहर छोड़ने के लिए कहा। व्यापारी संगठन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल बताते हैं कि हालांकि मंसूर अहमद और चार अन्य कश्मीरी दुकानदारों को “रहने की इजाजत” दी गई। अग्रवाल ने कहा कि संगठन चाहता है कि नए कश्मीरी दुकानदार शहर छोड़ दें। अग्रवाल के अनुसार संगठन गुरुवार (20 जुलाई) को इस बाबत एसडीएम को एक ज्ञापन भी देगा।

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